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रैंकिंग सुधरी, पानीपत को मिला 185वां स्थान

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पानीपत। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 का शनिवार को आए परिणाम में पानीपत की रैकिंग सुधरी है। पिछले साल जिले की रैंकिंग 196वीं थी वहीं अबकी 185वां स्थान मिला है यानी रैंकिंग में 11 नंबरों का सुधार आया है। सर्वेक्षण कुल 6000 अंकों का था। इसमें से जिले को कुल 2591 अंक मिले हैं।
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इस प्रतिस्पर्धा में एक से दस लाख तक की जनसंख्या वाली 372 यूएलबी यानी अर्बन लोकल बॉडी ने भागीदारी दर्ज की थी। इसमें पानीपत को 185वां स्थान मिला है जबकि स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में पानीपत जनसंख्या कैटेगरी में 196वें नंबर पर था। इस बार सर्वेक्षण में 11 पायदान ऊपर आकर रैंकिंग में सुधार किया है। वहीं, इस सर्वेक्षण में प्रदेश भर में दस लाख जनसंख्या वाली इस कैटेगरी वाली 17 यूएलबी ने भाग लिया था। इसमें से अबकी पानीपत को नौवां स्थान मिला है, जबकि 2020 की बात करें तो उसमें पानीपत 11वें नंबर पर था। इस हिसाब से पानीपत ने प्रदेश के साथ देश भर में भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है।
अंक सर्वेक्षण के अंतर्गत सर्विस लेवल प्रोग्रेस, सिटीजन वॉइस और सर्टिफिकेशन के हैं। पानीपत नगर निगम को पहले ही ओडीएफ प्लस प्लस घोषित किया जा चुका है। हालांकि सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में पानीपत का चयन नहीं हो पाया और गारबेज फ्री सिटी यानी जीएफसी के लिए पानीपत नगर निगम आवेदन तक नहीं कर पाया था। जिस कारण इन दोनों प्रतिस्पर्धाओं से निगम को वंचित रहना पड़ा है।
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ऐसे मिले अंक
कुल छह हजार अंकों के स्वच्छ सर्वेक्षण में सर्विस लेवल प्रोग्रेस 2400 अंकों का है, इसमें से पानीपत को केवल 1179 अंक मिले हैं। सिटीजन वॉइस के 1800 में से पानीपत को 912 अंक प्राप्त किए हैं जबकि सर्टिफिकेशन में पानीपत को 1800 अंकों में से केवल 500 अंकों से ही सब्र करना पड़ा है।
सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में छूटा पीछे
सफाई मित्रा सुरक्षा चैलेंज में पानीपत पीछे छूट गया है। इस प्रतिस्पर्धा में प्रदेश में केवल गुरुग्राम और रोहतक का ही चयन हो पाया है। माना जा रहा है कि नगर निगम ने इसकी तैयारियां काफी देरी से शुरू की थी। इस अभियान के अनुरूप तैयारी न होने के कारण पानीपत को इससे बाहर रखा गया।
जीएफसी के लिए नहीं कर पाया था आवेदन
नगर निगम की टीम कूड़ा मुक्त शहर, यानी गारबेज फ्री सिटी यानी जीएफसी के लिए आवेदन तक नहीं कर पाया था। इस प्रतिस्पर्धा के लिए निगम के पास आश्वयक दस्तावेज तक पूरे नहीं थे। इसे प्रतिस्पर्धा में आवेदन तक न होने से निगम को इससे भी हाथ धोना पड़ा।
कैटेगरी में हुआ बदलाव
पिछली बार सर्वे में पानीपत को देश में 160वां स्थान मिला था। हालांकि पिछली बार 1 से 10 लाख जनंसख्या वाली दो कैटेगरी बनाई गईं थीं। इनमें एक से तीन और तीन से दस लाख की जनसंख्या वाली दो कैटेगरी को शामिल किया गया था लेकिन इस बार केवल एक से दस लाख की एक कैटेगरी बनाई गई। मंत्रालय द्वारा इसी एक कैटेगरी के हिसाब से पिछले दो साल का डाटा को रिवाइज कर दिया गया। जिससे पानीपत की पिछले साल की रैंकिंग 160 से पिछड़ कर 196वें स्थान पर पहुंच गई।
राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर सुधरी रैंकिंग: सीटीएल
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में पानीपत की रैंकिंग राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर काफी सुधरी है। राष्ट्रीय स्तर पर पिछले साल 196 रैंकिंग थी, जो इस बार 185 रही है। वहीं प्रदेश स्तर पर जिला पिछले साल 11वें नंबर था, जो अबकी बार सातवें पर आया है। निगम को पहले नंबर पर लाने के लिए पूरी टीम प्रयास करेगी।
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- कविता कादियान, सिटी टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन, नगर निगम, पानीपत।
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