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926 लिंगानुपात के साथ पानीपत प्रदेश में दूसरे स्थान पर

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अगस्त में दर्ज किए गए एक हजार के मुकाबले 926 लिंगानुपात के साथ पानीपत जींद के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर आया है। इस सूची में रोहतक अव्वल रहा है। यहां का लिंगानुपात 1000-952 है।
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बेटियों को कोख में मरवाने व लिंग जांच के लिए पानीपत बदनाम रहा है। इसी वजह से 22 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। तब यहां का लिंगानुपात एक हजार लड़कों पर 793 लड़कियों का था। प्रदेश में पानीपत का नंबर 18वां था, लेकिन साढ़े छह साल बाद अब पानीपत जींद के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आ गया है।
इस सूची में फतेहबाद 876 के साथ अंतिम स्थान पर है। पानीपत में 1 जनवरी से 31 अगस्त तक 8841 लड़कों व 8185 लड़कियों का जन्म हुआ है। विभाग की पीएनडीटी की टीम ने मार्च से अब तक पांच एमटीपी किट व दो पीएनडीटी रेड की है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2018 में पानीपत टॉप-10 से बाहर हो गया था वहीं 2019 में चौथे और 2020 में तीसरा स्थान पर रहा।
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सबसे पिछड़ा सोनीपत
सोनीपत पीएनडीटी की टीम काफी सक्रिय रहती है। सबसे अधिक छापेमारी करने में सोनीपत की टीम गुरुग्राम के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है, लेकिन सोनीपत का लिंगानुपात प्रदेश में सबसे कम है। सोनीपत 876 लिंगानुपात के साथ प्रदेश में 21वें स्थान पर है।
कौन सा जिला किस स्थान पर
जिला लिंगानुपात
रोहतक 952
पानीपत 926
जींद 926
चरखीदादरी 918
सिरसा 918
हिसार 915
नूहं 913
पंचकूला 912
यमुनानगर 907अ
माह दर माह घटा जिले और प्रदेश का लिंगानुपात-
माह लिंगानुपात स्थान प्रदेश का लिंगानुपात
जनवरी 948 पांचवा 918
फरवरी 967 दूसरा 922
मार्च 976 दूसरा 921
अप्रैल 953 दूसरा 918
मई 939 तीसरा 912
जून 937 तीसरा 911
जुलाई 933 दूसरा 905
अगस्त 926 संयुक्त दूसरा 904
गढ़ी भलौर 2250 लिंगानुपात के साथ पहले व रायमल अंतिम स्थान पर
पानीपत में अगस्त माह तक सबसे अधिक लिंगानुपात गढ़ी भलौर गांव का दर्ज किया गया है। गढ़ी भलौर का लिंगानुपात रिकॉर्ड 2250 है। जबकि जिले में सबसे कम लिंगानुपात रायमल गांव का 167 दर्ज किया गया है।
सबसे अधिक लिंगानुपात वाले गांव
गांव लिंगानुपात
रायमल 2250
पावटी 2125
गवालड़ा 2100
खलीला 2000
गांजबड़ 2000
सबसे कम लिंगानुपात वाले गांव
गांव लिंगानुपात
रायमल 167
हलदाना 250
चमराड़ा 389
कैत 364
औसर 400
उम्मीद है ये प्रदर्शन बरकरार रहेगा : डॉ. अमित
लोगों में लिंगानुपात के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। पिछले छह साल में काफी सुधार हुआ है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाई अभियान कामयाब हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी लगातार जागरूकता कैंप लगा रहा है।
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-डॉ. अमित कुमार, इंचार्ज पीएनडीटी टीम
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