पानीपत। कोरोना संकट से पार पाने में प्रदेश में पांचवें स्थान पर पानीपत हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान स्वॉब सैंपल लेकर की गई कोविड-19 की जांच में महज 0.08 फीसदी लोग ही संक्रमित मिले हैं। हालांकि यह स्थिति कायम रखना या नूह की तरह पॉजिटिविटी रेट शून्य पर लेकर आने के लिए कोरोना को लेकर जारी गाइडलाइन का अक्षरश: पालन करते रहना होगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना संक्रमण की आशंका पर 21 से 26 जुलाई के दौरान 4352 लोगों के स्वॉब सैंपल लेकर टेस्ट किए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कोरोना संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए ज्यादा से ज्यादा सैंपलिंग जरूरी है। इस लिए सैंपलिंग पर जोर है, जिससे कोई भी पॉजिटिव केस मिलने पर उसे होम आइसोलेट किया जा सके। इसमें अभी तक विभाग को सफलता मिली है और सैंपलिंग पर जोर जारी रहेगा।
कहां कितना रह गया है पॉजिटिविटी रेट
पानीपत में पॉजिटिविटी रेट 0.08, करनाल में 0.13, अंबाला में 0.23, कैथल में 0.23, कुरुक्षेत्र में 0.23 और यमुना नगर में 0.16 फीसदी है। इसी तरह जींद में 0.08, भिवानी में 0.06, महेंद्रगढ़ में 0.06, पलवल में 0.02, नूह में 0.00, चरखी दादरी में 2.82, पंचकूला में 0.75, रेवाड़ी में 0.65, हिसार में 0.39, गुरुग्राम में 0.29, फरीदाबाद में 0.15, फतेहाबाद में 0.14 और सोनीपत में 0.14 फीसदी पॉजिटिविटी रेट है।
कितने फीसदी टेस्ट रैपिड किट और आरटीपीसीआर के जरिए हुए
पानीपत में 18 फीसदी टेस्ट रैपिड किट और 82 फीसदी टेस्ट इस दौरान आरटीपीसीआर के जरिए किए गए। इसी तरह करनाल यह क्रमश: 9 एवं 91, अंबाला में 8 एवं 92, कैथल में 9 एवं 91, कुरुक्षेत्र में 32 एवं 68 और यमुना नगर में 34 एवं 66 फीसदी रहे। आरटीपीसीआर के जरिए 90 फीसदी से कम टेस्ट पानीपत, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर में किए गए।
यह नहीं मानना चाहिए कि कोरोना संक्रमण का खतरा खत्म हो गया है। एहतियात बरतने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क और हाथों को साफ रखने की प्रक्रिया को जारी रखें। कोरोना पर पूरी तरह से पार पाने के लिए यह बेहद जरूरी है। - डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ, पानीपत