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दर्द ताजा, श्रमिकों का पलायन शुरू

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पानीपत। कोरोना की रफ्तार जोर पकड़ रही है। अब हर 8 मिनट में कोरोना का एक नया मरीज मिल रहा है। जिले में सक्रिय रोगियों की संख्या 300 पार हो चुकी है। ऐसे में सरकार ने शाम छह बजे के बाद बाजारों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। हालात को देखते हुए श्रमिकों को फिर से डर सता रहा है कि सरकार जल्द लॉकडाउन लगा सकती है। ऐसे में घर वापसी के लिए उन्होंने यहां से पलायन शुरू कर दिया है।
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जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ रहा है वैसे-वैसे ही प्रवासी मजदूरों का पलायन तेज होता जा रहा है। बंगाल, पश्चिमी उतर प्रदेश, मध्य प्रदेश , छत्तीसगढ़ और बिहार के रहने वाले श्रमिक ट्रेन, रोडवेज बसों और निजी बसों से अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। रविवार रात भी लाल बत्ती के पास से तीन बसें बिहार और बंगाल के लिए रवाना हुईं। श्रमिक झुंड बनाकर ट्रेनों और निजी बसों से घरों को लौट रहे हैं। बातचीत में ज्यादातर श्रमिकों ने लॉकडाउन की आशंका जताई। बोले, अब नहीं गए तो पहले की तरह पैदल ही घर जाना पड़ेगा।
पानीपत में करीब तीन लाख प्रवासी लोग
औद्योगिक नगरी होने के कारण पानीपत में बिहार, बंगाल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश आदि राज्यों के लोग रह रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पानीपत में करीब तीन लाख प्रवासी मजदूर रह रहा है। पानीपत का उद्योग प्रवासी श्रमिकों पर ही निर्भर करता है।
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लॉकडाउन का डर
दिसंबर के अंत से ही कोरोना संक्रमण का बढ़ना शुरू हो गया था। ऐसे में कुछ राज्यों की सरकारें सख्ती दिखा रही है। इससे मजदूरों को लग रहा है कि इस साल फिर लॉकडाउन लग सकता है। लॉकडाउन के डर के चलते एक बार फिर प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। पिछले चार दिन से ही श्रमिकों ने अपने-अपने घरों की ओर रुख करना शुरू कर दिया था।
दिल्ली से ले रहे हैं ट्रेन
पर्याप्त मात्रा में ट्रेनों के न चलने के कारण इस बार प्रवासी मजदूरों ने निजी बसों से पलायन करना शुरू कर दिया है। पानीपत रेलवे स्टेशन पर सीधे बिहार के लिए ट्रेन न होने के कारण श्रमिक दिल्ली तक ट्रेन से जा रहे हैं। इस कारण दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों में भीड़ है।
भय के साथ असुरक्षा की भावना
2020 व 2021 के लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को डरा दिया है। इससे मजदूरों में भय के साथ असुरक्षा की भावना दिख रही है। लॉकडाउन लगने की अफवाहों के बीच मजदूर अपने को असुरक्षित समझ रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं पिछले वर्ष की तरह इस बार भी मुसीबतों का सामना न करना पड़े। इस कारण ही मजदूर अपने घर जा रहे हैं।
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उद्यमी बोले
हम श्रमिकों के साथ है, कोरोना की दोनों लहरों में उद्यमियों ने श्रमिकों की मदद की है। वो घबराकर पलायन न करें। - भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
अफवाहों पर ध्यान न दें श्रमिक, अगर लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा होती है तो उद्यमी श्रमिकों की मदद करने में पीछे नहीं हटेंगे। - रमन छाबड़ा, उद्यमी
कोरोना संक्रमण को देखते हुए पाबंदियां जरूरी हैं। श्रमिक जागरूक हों। पलायन न करें।- श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान सेक्टर 29 इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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