पानीपत। हनुमानगढ़ी में भगवान हुनमान को निमंत्रण देने पहुंचे स्वामी ज्ञानानंद महाराज व अन्य लोग
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पानीपत। अध्योध्या स्थित हनुमानगढ़ी में स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने पधारो हनुमान जी निमंत्रण दिया। यह निमंत्रण पानीपत की समस्त धार्मिक संस्थाओं एवं जनता की ओर से दिया गया। उन्होंने कहा कि पानीपत में हनुमान जी की विशेष कृपा और आशीर्वाद है। सभी पानीपतवासी एकजुट होकर हनुमान जी का जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मना रहे हैं।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद विशेष महत्व रखता है। भगवान वैसे तो कण-कण में विद्यमान हैं, किंतु 16 अप्रैल जन्मोत्सव के दिन हनुमान जी से विशेष आग्रह किया गया कि वह पानीपत में पधारे और पानीपतवासियों को आशीर्वाद दें। हनुमान जन्मोत्सव के प्रमुख कार्यकर्ता सूरज दूरजा ने कहा केसरी हनुमानगढ़ी बहुत बड़ा तीर्थ स्थल है। हनुमान जी के चरणों में लिखित प्रार्थना पानीपत की समस्त संस्थाओं की ओर से हनुमान जन्मोत्सव समिति ने रखी है।
पानीपत के आयोजन की जानकारी उत्तर प्रदेश स्थित अयोध्या नगरी में मंच के माध्यम से महाराज ने हजारों लोगों के बीच रखी सभी देशवासियों को प्रेरणा मिली कि वह भी अपने शहर में हनुमान जन्मोत्सव पानीपत की भांति मनाएं। उन्होंने बताया कि जिस समय हनुमान जी के चरणों में पानीपत का निमंत्रण रखा गया पूरा सदन जय श्री राम के नारों से गूंज पड़ा।
पवन पुत्र हनुमान को समर्पित यह मंदिर अयोध्या से एक किमी दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण विक्रमादित्य ने करवाया था। यह आज हनुमान गढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। ऐसी मान्यता है कि पवनपुत्र हनुमान यहां रहते हुए कोतवाल के रूप में अयोध्या की रक्षा करते हैं। मंदिर के प्रांगण में माता अंजनी के गोद में बैठे बाल हनुमान को दर्शाया गया है।