पानीपत। शहर की सफाई के लिए लगाए जा रहे सफाई के दो जोन के टेंडर पर जनप्रतिनिधियों की अब बगावत शुरू हो चुकी है। दो जोन में शहर की सफाई वाले टेंडरों के विरोध में उतरे कुछ पार्षदों ने तो खुलेआम धरना-प्रदर्शन तक करने की निगम को चेतावनी दी है। पार्षदों का कहना है कि दो जोन में शहर की सफाई हो ही नहीं सकती।
उन्होंने शहर के सभी वार्डों के अलग-अलग जोन बनाकर टेंडर लगाने की मांग की है। पार्षदों का कहना है कि अगर निगम ने उनकी मंजूरी के बगैर टेंडर को खोला तो निगम कार्यालय में निगम आयुक्त के सामने धरना देंगे। पार्षदों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो उनका एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से भी मिल सकता है।
बता दें कि इससे पहले भी शहर के कई जनप्रतिनिधि इसके विरोध में आ चुके हैं। जिसे लेकर शहरी विधायक प्रमोद विज तक को शिकायत दी जा चुकी है। खास बात यह है कि सफाई के टेंडर का ये निगम का तीसरा प्रयास है जिसके सफल होने में अब अटकलें लगनी शुरू हो चुकी हैं। विशेष तौर पर टेंडर की नियम व शर्तों पर पार्षदों की नाराजगी देेखने को मिल रही है।
दो जोन का और 5 साल के लिए क्यों ?
वार्ड नंबर 23 के पार्षद अश्वनी धींगड़ा और वार्ड नंबर 22 की पार्षद चंचल डाबर ने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले ये टेंडर सिर्फ एक साल के लिए होना तय था अब इसे पांच साल के लिए क्यों लगाया जा रहा है। वहीं, टेंडर की नियम व शर्तों को इतना कड़ा बनाया गया है जिससे प्रतीत होता है कि इस टेंडर को किसी व्यक्ति विशेष के लिए ही बनाया गया है। ये उनकी समझ से बाहर है। इस पर कुछ ही पार्षद सहमत हैं बाकी इसके विरोध में हैं।
उन्होंने कहा कि अगर टेंडर वार्ड वाइज लगाया जाए तो हर पार्षद अपने वार्ड की सफाई की जिम्मेदारी ले सकता है। अगर एक जोन में 12 से 14 वार्ड होंगे तो सफाई का मसला पहले की तरह उलझा रहेगा। उन्होंने कहा कि इसे लेकर वे दूसरे पार्षदों से भी संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में इस टेंडर को खुलने नहीं दिया जाएगा, चाहे इसके लिए उन्हें धरना प्रदर्शन ही क्यों न करना पड़ा।