पानीपत। भारतीय वकील ने रमजान को उसकी मां से मिलाने का बीड़ा उठाते हुए कार्यवाही तेज कर दी है। बांग्लादेश उच्च आयुक्त नई दिल्ली से मिलने के बाद, बांग्लादेश उच्च आयुक्त द्वारा भारतीय वकील को बांग्लादेश का वीजा मल्टीपल जारी कर दिया गया था। अब भारतीय वकील नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्च आयुक्त के अधिकारी से मिले और भोपाल आरंभ उम्मीद शेल्टर होम में रह रहे बच्चे के केस को जल्द से जल्द सुलझाने की गुजारिश की।
गौरतलब है कि पाकिस्तानी नाबालिग बच्चा रमजान बांग्लादेश-भारत की सीमा में आ गया था।
भारत में काफी समय भटकने के बाद दिल्ली से भोपाल पहुंच गया जहां जीआरपी पुलिस भोपाल में रेलवे स्टेशन पर पकड़ कर शेल्टर होम में रख दिया गया। जब शेल्टर होम के सभी बच्चों का आधार कार्ड बनवाते हुए पता पूछा गया तो रमजान ने अपना पता 13-डी गुलशन-ए-इकबाल रफी अपार्टमेंट कराची पाकिस्तान बताया। फिर शेल्टर होम की संचालिका अर्चना ने लिखित रूप से इस बात की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी।
मानवाधिकार कार्यकर्ता एवं अंतर्राष्ट्रीय वकील मोमीन मलिक 12 अक्तूबर 2015 को भोपाल जाकर रमजान से मुलाकात की और हकीकत मालूम करने पर पता चला कि रमजान का पिता मोहम्मद काफिल कराची में रहता था और रमजान की मां रजिया को तलाक देकर रमजान को हवाई जहाज से बांग्लादेश ले आया। बांग्लादेश जाकर दूसरी शादी कर ली। सौतेली मां ने रमजान को मारना-पीटना दुखी रखना शुरू कर दिया। सौतेली मां से तंग आकर रमजान बांग्लादेश की सीमा से भारत में गलती से आ गया। भारत के कई शहरों में घूमता रहा व अंत में भोपाल पुलिस द्वारा शेल्टर में रखा गया।
भारतीय वकील ने 23 नवंबर 2015 को पाकिस्तानी उच्च आयुक्त दिल्ली, विदेश मंत्रालय भारत सरकार, डायरेक्टर पाकिस्तान भारत, भारतीय उच्च आयुक्त इस्लामाबाद व विदेश सचिव भारत सरकार व बांग्लादेश उच्च आयुक्त नई दिल्ली को भी पत्र लिखा। जिसके बाद पाकिस्तानी अधिकारी भोपाल में रमजान से मिले व बातचीत कर चले गए। लेकिन आजतक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे।
नई दिल्ली में भारतीय वकील के साथ मीटिंग के दौरान पाक उच्च आयुक्त से रमजान केस में तेजी लाने व भारत से पाक भेजने की जल्द से जल्द कार्यवाही करने की गुजारिश की गई। क्योंकि रमजान बुरी तरह परेशान है और अब उदास रहने लगा है। उधर जारिदा रमजान की मां परेशान है। जल्द ही मोमीन मलिक भोपाल अदालत में केस फाइल करेंगे। साथ ही बांग्लादेश जाकर रमजान के पिता की तलाश करेंगे। बांग्लादेश थाना के एसएचओ भी मोमीन मलिक को मदद का आश्वासन दे चुके हैं।