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नारायण साईं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेशी

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आसाराम बापू केस के मुख्य गवाह पर जानलेवा हमला करने के आरोपी नारायण साईं के मामले में सोमवार को फिर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पानीपत कोर्ट में पेशी हुई। नारायण साईं के साथ ही शूटर कार्तिक और साजिश रचने में शामिल आरोपी नीरज भी वीडियों कॉन्फ्रेसिंग से जुड़े। इस दौरान पीड़ित महेंद्र चावला ने अदालत में दलील रखी कि पुलिस ने अपने चालान में उनके द्वारा दिए दस्तावेजों को शामिल नहीं किए। मामले में अदालत ने अगली सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख दी है। साथ ही डीएसपी समालखा को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं।
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जानकारी के अनुसार सनौली खुर्द निवासी महेंद्र चावला 1996 में आसाराम से प्रभावित होकर उनके शिष्य बन गए थे। बाद में वह आसाराम के बेटे नारायण साईं के निजी सचिव भी रहे, लेकिन आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म का मामला आने के बाद वर्ष 2015 में महेंद्र चावला ने उनका साथ छोड़ दिया और उन्हें सजा दिलाने की ठानी। इसके तहत महेंद्र चावला दुष्कर्म केस में मुख्य गवाह बन गए। उन्हें गवाही देने से रोकने के लिए 13 मई 2015 को घर में घुसकर दो बदमाशों ने गोलियां बरसाईं थी। इस दौरान एक गोली उन्हें लगी, लेकिन महेंद्र चावला ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई। मामले में आरोप है कि नारायण साईं और नीरज ने शूटर भेजकर महेंद्र चावला पर गोली चलवाई है। पुलिस ने धारा-307 समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। मार्च 2016 में नारायण साईं को कोर्ट में पेश किया गया था। उसके बाद अब 2022 में नारायण साईं समेत चार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आरोप तय किए गए थे।
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