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हंगामे की भेंट चढ़ी विकास कार्यों पर बुलाई बैठक

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पानीपत। ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स में नगर निगम अधिकारियों, पार्षदों, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और ड - फोटो : Panipat
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पानीपत। शहर की समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा के लिए सोमवार को बुलाई गई बैठक पार्षदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। निगम अधिकरियों पर गुस्साए पार्षदों ने हंगामा कर दिया। प्रापर्टी आईडी बनवाने में लोगों को हो रही दिक्कत, स्ट्रीट लाइट न लगवाने के अलावा दलाली के आरोप भी लगाए। बैठक में निगम अधिकारियों के साथ पार्षद, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर शामिल रहे।
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सबसे पहले हंगामा प्रापर्टी आईडी पर हुआ। पार्षदों ने परेशान लोगों से 25 हजार रुपये तक की दलाली का आरोप लगाते हुए मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर से जवाब मांगा। आरोप लगाते हुए पूछा कि दलाली 10 हजार थी, जो खत्म होने के बजाए अब बढ़कर 25 हजार रुपये हो गई, इस पर क्या किया जा रहा है। इस पर मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने कार्रवाई का आश्वासन देकर पार्षदों को शांत कराया।
इसके बाद स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर पार्षद भड़क उठे। सवाल उठाए कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अब तक शहर में 10 हजार स्ट्रीट लाइट नहीं लग सकी हैं। इस पर निगम अधिकारियों ने जवाब दिया कि लाइटों को लगवाने के लिए एजेंसी को हिदायत दी हैं। एजेंसी अब दो टीमों के साथ शहर में काम करेगी। पुरानी लाइटों को ठीक करवाने के लिए सामान मंगवा दिया गया है। तब पार्षदों ने निगम अधिकारियों पर तंज कसा कि समान तो मंगवा लिया, लेकिन लाइटों को लगाने, उतारने और ठीक कराने के लिए सीढ़ियां मंगाना भूल गए।
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स्ट्रीट लाइटों के मुद्दे पर पार्षद अश्वनी धींगड़ा ने इस मौके पर कहा कि क्या निगम की तेरहवीं हो रही है, जो तीन रुपये दर्जन वाले बिजली के बटन लगाए जा रहे हैं और बिलों को ब्रांडेड कंपनियों की लाइटों के नाम पर पास कराया जा रहा है। पार्षद पवन गोगलिया और योगेश डाबर समेत अन्य पार्षदों ने भी स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर निगम को घेरा। निगम अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि एक दो दिन में काम चालू करवा दिया जाएगा।
चार्ज हटवाएं, पोर्टल अपडेट करवाएं
पार्षद रविंद्र भाटिया ने कहा कि नगर निगम के एनडीसी पोर्टल पर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के चार्ज वसूला जा रहा हैं, जबकि ये ही चार्ज जेबीएम शहरवासियों से ले रही है। एक काम को दो बार भुगतान लिया जा रहा है। जिस पर निगम आयुक्त ने कहा कि अगर किसी ने चार्ज दिया है या जेबीएम से पर्ची कटवाई है तो उसे दिखाकर अपना चार्ज माफ करवा सकते हैं। पोर्टल अपग्रेडेशन पर आयुक्त ने कहा कि डाटा अपडेशन का काम चल रहा है।
अवैध कब्जों और काम में बाधा डालने वालों के लिए स्थायी सुरक्षा गार्ड रखे निगम
पार्षद रविंद्र भाटिया, योगेश डाबर, अश्वनी धींगड़ा ने कहा कि शहर में अवैध कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। ये लोग विकास कार्यों में अड़चन डालते है। निगम पुलिस फोर्स के इंतजार में रहता है। पार्षदों ने निगम को सुझाव दिया कि निगम को इन कामों के लिए स्थायी सुरक्षा गार्ड का इंतजाम करना चाहिए, ताकि जब भी पुलिस बल न मिलने पर सुरक्षा गार्ड से काम चलाए।
निगम की कार्यप्रणाली से पार्षद असंतुष्ट हैं। इनका गुस्सा भी जायज है, लेकिन एक अकेला आदमी पूरे सिस्टम को नहीं बदल सकता। इसके लिए सभी पार्षदों को एकजुुट होना पड़ेगा। अगर सभी पार्षद एकजुट हो जाएं तो निगम की तस्वीर ही बदल सकते हैं। -दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम, पानीपत।
अधिकारियों को बदबू आई तो सार्वजनिक शौचालय की सफाई करवाई
नगर निगम बिल्डिंग के शौचालय शहर के सबसे गंदे शौचालयों में से एक हैं। सोमवार को जब ताऊदेवी लाल कॉम्प्लेक्स बिल्डिंग के बेसमेंट में निगम अधिकारियों और पार्षदों की बैठक हो रही थी तो मेन गेट के पास बने शौचालयों से भयंकर बदबू उठ रही थी। जब निगम अधिकारियों को इसकी दुर्गंध आई तो उन्होंने तुरंत प्रभाव से सफाई शाखा के अधिकारियों को बोल इनकी सफाई करवाई। वहीं साथ में सीएससी सेंटर पर आए लोगों ने कहा कि जब लोग इनमें शौच आदि के लिए जाते हैं तो निगम सफाई नहीं करवा पाता और जब अधिकारियों को इनसे बदबू आई तो सफाई करवा दी। गौर करने वाली बात ये है कि ऐसे ही हालात निगम के अंदर वाले शौचालयों एवं पालिका बाजार निगम कार्यालय के शौचालयों के भी हैं। खुद निगम कर्मचारियों को भी शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है।
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