शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम करने वाली एजेंसी जेबीएम अपने काम में फेल हो गई। पिछले दो दिन से शहर में कूड़ा उठाने का काम बंद हो चुका है। जिसके चलते निगम ने कार्रवाई लेते हुए एजेंसी पर 13.69 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की यह राशि जेबीएम के मासिक भुगतान से काटी जाएगी। इसके साथ ही निगम ने एजेंसी को चेतावनी दी है कि अगर सात दिन में काम सुचारु नहीं किया तो अनुबंध के अनुसार टेंडर को रद भी किया जा सकता है। निगम की जेबीएम पर ये अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी को जुर्माना लगाने से पहले चेतावनी तक दी गई थी लेकिन एजेंसी ने अपने काम में सुधार नहीं किया। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन न होने की वजह से शहर में करीब 900 टन कूड़ा नहीं उठाया गया है। इससे प्रोसेस करना तो दूर डंपिंग स्टेशन से भी कूड़ा उठान का काम नहीं हो सका। वहीं, इस कूड़े का जेबीएम को सोनीपत के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में निष्पादन करना था, वह भी बंद है। बता दें कि इससे पहले भी स्वच्छ हरियाणा एप पर शिकायत का समाधान न करने की वजह से जेबीएम को जुर्माना लगाया जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि शहर में कुल 136918 हाउस होल्ड हैं, जिनसे जेबीएम को कूड़ा उठाना था। दो दिन से काम बंद होने पर नियमानुसार 5 रुपये प्रति हाउस होल्ड की दर से जुर्माना लगाने का प्रावधान है। इस हिसाब से एजेंसी पर दो दिन का जुर्माना 1369180 रुपये बनता है। जेबीएम रोजाना शहर से करीब 450 टन कूड़े का उठान करने का काम करती है। इस एवज में जेबीएम को 333 रुपये प्रति टन के हिसाब से भुगतान किया जाता है। जोकि मासिक करीब 40 से 50 लाख रुपये तक बन जाता है। एजेंसी को जब मासिक भुगतान किया जाएगा तो उसमें से नई और पुरानी जुर्माना राशि को काट लिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि जेबीएम का शहर के 26 वार्डों में डोर टू डोर कूड़े कलेक्शन का काम है। इसके अलावा सेकेंडरी प्वाइंट से कूड़ा उठाकर कंपनी के वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में लेकर जाने काम भी है। दोनों ही काम बंद है। एक दिन में करीब 450 टन कूड़ा उठाया जाता है। इस हिसाब से दो दिन में 900 टन कूड़ा नहीं उठाया गया। इससे शहरवासी तो परेशान हैं ही साथ में अधिकारी भी परेशान हैं। दो दिन तक काम का निरीक्षण किया गया। इसके बाद नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई। फिर भी काम में सुधार नहीं हुआ तो जुर्माने की कार्रवाई की गई है।
जेबीएम का दो दिन से काम बंद है। इसलिए कंपनी पर 13.69 लाख का जुर्माना लगाया गया है। अगर काम 7 दिन बंद रहता है तो अनुबंध के नियमानुसार एजेंसी का टेंडर भी रद किया जा सकता है।
जितेंद्र नरवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम।