पानीपत। सेक्टर 11-12 गोअसली में 2021 में पत्नी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति मोहम्मद असलम को दोषी करार देते हुए अदालत ने सात साल की सजा सुनाई है। यह फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार वर्मा की अदालत ने सुनाया है। दोषी पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, जुर्माना न देने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
अतिरिक्त जिला न्यायवादी कुलदीप ढुल ने बताया कि 18 अगस्त 2021 को चांदनीबाग थाना पुलिस को दी शिकायत में मां समीम पत्नी इलियास ने बताया था कि उसके छह बच्चे हैं, जिनमें तीन लड़के और तीन लड़कियां है। उसके पति का 2003 में देहांत हो चुका है। उसने अपनी बेटी गुलनाज (28) की शादी मोहम्मद असलम निवासी गांव मुरादबाद, गाजियाबाद के साथ 3 मई 2021 की थी । जिसके बाद दामाद पानीपत के सेक्टर 11-12 स्थित गोअसली मोहल्ला में रह रहा था। शादी के बाद बेटी ने उसे बताया कि उसका पति शराब पीकर उसके साथ गाली गलौज करता है और मारपीट करता है।
16 अगस्त को उसकी बेटी ने फोन कर उसे बताया कि उसके पति ने आज फिर उसके साथ मारपीट की और उसे घर से निकाल दिया। 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे उसकी बेटी के फोन से उसके पास फोन आया। जिसने बताया कि वह गुलनाज की पड़ोसी बोल रही है, उनकी बेटी के साथ पति ने मारपीट की है। जो बेहोश पड़ी हुई है। सूचना पाकर वह बेटी के घर पहुंचे तो बेटी बेहोश पड़ी हुई थी। जिसको वह सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर इलाज के दौरान बेटी को होश आया और बेटी ने बताया कि उसने पति की मारपीट से तंग आकर चूहे मारने वाली दवाई पी है, इसी बीच बेटी की तबीयत खराब हो गई और वह बेटी को रोहतक पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान बेटी की मौत हो गई।
पुलिस ने 306 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिस मामले में अतिरिक्त जिला न्यायवादी ने मजबूत पैरवी की और पति को सजा दिलवाई।