पानीपत। लंबे इंतजार और प्रयासों के बाद गांव डाहर स्थित नई शुगर मिल होली के दिन वीरवार सुबह 6:30 मिनट पर शुरू हो गई है। सुबह से शाम 6:30 बजे तक मिल को स्लो स्पीड में चलाया गया। महज 12 घंटे में मिल ने छह हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर दी। मिल प्रबंधक ने बताया कि मिल आराम से चलाई जा रही है। नई मिल में कुछ परेशानियां होती हैं, जिनका निवारण भी साथ-साथ किया जा रहा है।
दूसरी तरफ गन्ने पेराई में नंबर न आने और छोटे किसानों की अनदेखी पर पुुरानी मिल में कुछ किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रबंधक से गन्ने की फसल का स्टेंडिंग सर्वे की मांग की। इस पर मिल प्रबंधक ने कहा कि किसानों की मांग पर स्टेंडिंग सर्वे तक करवाया दिया जाएगा। उनकी प्राथमिकता पहले नई मिल को चलाने की थी। अब मिल चल चुकी है। अब जिले भर के किसी भी किसान को गन्ने की पर्ची की समस्या नहीं होगी। नई मिल से उनकी समस्याओं का स्थायी तौर पर समाधान हो गया है।
बता दें कि पूरे जिले में करीब 60 लाख क्विंटल गन्ना उत्पादित किया गया है। वहीं, नई मिल की क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन यानी 15 लाख क्विंटल प्रतिमाह की है। इस प्रकार छह माह के अपने एक सीजन में 90 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर सकता है। वहीं, अब तक पुराने मिल में करीब 30 लाख क्विंटल गन्ना ही पेराई होता आया है। इस मिल की क्षमता इतनी ज्यादा है कि जिले भर का गन्ना अकेली नई मिल महज चार माह में पेराई कर देगी। ऐसे मेें दूसरे जिलों से भी गन्ना पेराई करवाया जा सकता है।
नई मिल चालू, अब हर समस्या का होगा समाधान
नई मिल शुरू हो चुकी है। किसानों की मांग पर स्टेंडिंग सर्वे भी करवा दिया जाएगा। मिल की क्षमता काफी ज्यादा है, जो जिले भर के गन्ने के अलावा दूसरे जिले के गन्ने को भी पेराई कर सकती है। अब किसानों की वर्षों पुरानी पर्ची की समस्या का स्थायी समाधान होने जा रहा है। -नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत।