पानीपत। सेक्टर-18 स्थित देश बंधू राजकीय कॉलेज की 650 छात्राओं की परेशानी आखिर दूर हो गई। अब उन्हें कॉलेज पहुंचने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। पानीपत रोडवेज की ओर से छात्राओं के लिए दो बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है। कॉलेज आने में छात्राओं को हो रही परेशानी का मुद्दा ‘अमर उजाला’ ने मंगलवार और बुधवार के अंक में उठाया था।
सेक्टर-18 स्थित राजकीय कॉलेज के लिए दो बसों के संचालन हरी झंडी मिल गई। पहली बस सुबह साढ़े 8 बजे और दूसरी बस 9:15 बजे पर बस डिपो से कॉलेज तक जाएगी। राजकीय कॉलेज के लिए संचालित बसें दिन भर में चार चक्कर लगाएंगी। पानीपत डिपो से कॉलेज तक सुबह दो चक्कर और कॉलेज की छुट्टी होने के समय पर भी दो चक्कर लगाए जाएंगे। पानीपत डिपो जीएम ने कहा कि अगर छात्राओं की संख्या अधिक होगी तो बसों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
कोरोना महामारी से पहले रोज चार से पांच बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन महामारी के चलते इनका संचालन बंद था। कॉलेज खुलने के बाद भी बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया था। कॉलेज प्राचार्य की ओर से कई बार पत्र लिखकर अधिकारियों से बसों का संचालन शुरू कराने की मांग की गई थी, जिस पर सिर्फ आश्वासन मिलता आ रहा था।
बस स्टैंड आकर भी दो बार बदलना पड़ता ऑटो रिक्शा
कॉलेज शहर से दूर होने के कारण छात्राओं को बस डिपो तक आकर भी दो बार ऑटो रिक्शा बदलना पड़ता था। छात्राएं अलग-अलग गांव एवं कॉलोनियों से पहले पानीपत बस डिपो पहुंचती थीं लेकिन यहां से बसें नहीं चलने से पहला ऑटो रिक्शा सेक्टर-18 या टोल तक लेना पड़ता था। इसके बाद टोल से कॉलेज तक दूसरा रिक्शा लेना पड़ता था। ऑटो के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ता था।
कॉलेज में पढ़ने वाली 650 छात्राओं को अब कॉलेज आने के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना होगा। लगातार शिकायत करने के बाद वीरवार को बसों को चलाने का निर्णय लिया गया है। - संजू अबरोल, प्राचार्य, राजकीय महाविद्यालय
- सरकारी कॉलेज की छात्राओं के संचालन की खबर देखकर डिपो के जीएम से मुलाकात की। उन्होंने दो बसों को चलाने का निर्णय लिया है। अभी भी कुछ रूट ऐसे है, जिस पर छात्राओं के लिए बसों का संचालन शुरू नहीं किया गया है। - बलराज देशवाल, छात्र संघ नेता, इनसो
छात्राओं की परेशानियों को देखते हुए पानीपत डिपो से कॉलेज तक दो बसों का संचालन शुरू किया गया है। यदि फिर भी छात्राओं को परेशानी होगी तो बसों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। - कुलदीप सिंह, जीएम, पानीपत डिपो