हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जिले के होनहार 59.62 प्रतिशत रिजल्ट लाकर चमक उठे। जिले में 11166 में से 6657 ने परीक्षा पास की। इस साल भी हर साल की तरह बेटियां ही बेटों से आगे रही।
परीक्षा परिणाम आने पर होनहारों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, वहीं कुछ परीक्षार्थियों को रिजल्ट में मायूसी मिली। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अपने परिणाम को बेहतर बताया है। शिक्षा अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई स्तर भी सुधारने का दावा किया है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने पूर्व निर्धारित समय अनुसार एक दिन देरी से बुधवार को 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया। बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम जानने को परीक्षार्थी स्क्रीन पर नजर गड़ाकर बैठ गए।
दोपहर होते ही बोर्ड की वेबसाइट पर परिणाम अपलोड करते हुए कुछ के चेहरे खुशी से खिल उठे और कुछ परीक्षार्थियों के गर्मी के मौसम में मायूसी मिलने पर होश उड़ गए। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार जिले में 12वीं कक्षा की परीक्षा में 11166 परीक्षार्थी बैठे थे।
जिनमें से 6657 पास हुए। इसके अलावा 2389 पीए-आर व 1912 को रि-अपीयर आई।
बेटों से रही आगे बेटियां
जिले में 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में बेटियां बेटों से आगे रही। बेटे लाख कोशिश व दावों के बाद भी कई साल से चली आ रही बेटियों की लीड को कम नहीं कर सके। वे कलां, विज्ञान और कॉमर्स तीनों संकायों में अव्वल रही।
अंजू ने 456 अंक हासिल किए
सदानंद बाल विद्या मंदिर स्कूल कृष्णपुरा की छात्रा अंजू गोयल ने कॉमर्स में 456 अंक हासिल किए। स्कूलों से प्राप्त रिजल्ट के अनुसार अंजू गोयल को अव्वल माना जा रही है। तहसील कैंप स्थित विक्टर पब्लिक स्कूल की छात्रा रिया कौशिक ने कॉमर्स में 455 अंक प्राप्त किए। इसके अलावा कई होनहारों ने परीक्षा में खुद को साबित किया।
पीए-आर को मिल सकेगा अगली कक्षा में जाने का मौका
हरियाणा बोर्ड द्वारा गत वर्षों से परीक्षा परिणाम में कंपार्टमेंट व फेल शब्द को हटा दिया गया है। बोर्ड द्वारा कंपार्टमेंट को पीए-आर कर दिया है। जिले में पीए-आर 2389 परीक्षार्थियों को आया है। इसमें दो विषय में पास न होने वाले परीक्षार्थियों को रखा गया है।
ये परीक्षार्थी अगली कक्षाओं में प्रोविजनल दाखिला ले सकेंगे। वहीं रि-अपीयर 1912 को आया है। इसमें दो विषयों से ज्यादा में कम नंबर आने वालों को शामिल किया गया है। इन परीक्षार्थियों को शायद अगली कक्षाओं में दाखिलों का मौका नहीं मिल सकें, लेकिन इनको फेल भी नहीं कहा जा सकता।
पीए-आर व रि-अपीयर के सामने मुश्किल
जिले में पीए-आर व रि-अपीयर पाने वाले परीक्षार्थियों के सामने सबसे ज्यादा मुश्किल है। इनको अपने विषयों में पास होने के लिए बोर्ड द्वारा दो मौके दिए जाएंगे। इनके लिए पहले चांस में परीक्षा पास करने पर अगली कक्षा में परीक्षा में बैठने का मौका मिल सकेगा।
वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उनको अगली कक्षा की वार्षिक परीक्षा में शर्तानुसार बैठना पड़ेगा। वे परीक्षा में पास हुए तो उनका रिजल्ट मिल पाएगा। वे ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उनको अगली कक्षाओं का रिजल्ट भी नहीं मिल सकेगा।