नई अनाज मंडी में किसान महापंचायत में हरियाणा के अलग-अलग जिलों के साथ ही उत्तर प्रदेश और पंजाब के किसान अलग-अलग अंदाज में पहुंचे। कुछ किसान ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर हुक्का गुड़गुड़ाते हुए पहुंचे तो कुछ बैलगाड़ी पर गाने सुनते और गाते हुए आए। महिलाओं ने भी महापंचायत में भागेदारी निभाई, वह भी अपने पोता-पोतियों को साथ लेकर बैलगाड़ी से महापंचायत में शामिल हुईं। सभी की जुबान पर नारा था- जय जवान-जय किसान, भारतीय किसान यूनियन जिंदाबाद।
रविवार को हजारों की संख्या में किसान पानीपत की महापंचायत में एक छत के नीचे जुटे। महापंचायत में सुबह नौ बजे से ही किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर पहुंचना शुरू हो गए थे और दोपहर एक बजे तक किसानों के आने का सिलसिला जारी रहा। महापंचायत में किसानों के मनोरंजन के लिए रागिनी कलाकार और गायक बुलाए गए थे, जिन्होंने समा बांध दिया।
ढोल नगाड़ों से किसान नेताओं का हुआ स्वागत
भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान सोनू मालपूरिया दोपहर 12 बजे ट्रैक्टर पर सवार होकर नई अनाज मंडी में पहुंचे। उनके आगे बीन और दुबका की धुन पर कलाकारों ने जमकर नृत्य किया। वहीं दोपहर 1:33 बजे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंचे तो अनाज मंडी गेट पर स्वागत किया गया और उसके बाद उन्हें बीन और दुबके की ताल एवं ढोल-नगाड़ों के साथ मंच तक पहुंचाया गया।
- वॉकी-टॉकी पर सुरक्षा प्रबंध करते नजर आए सुरक्षाकर्मी
महापंचायत में आए किसान नेताओं की सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ ही निजी बंदोबस्त भी किए गए थे। किसान यूनियन पानीपत के प्रधान सोनू मालपूरिया और गांव रिसालू निवासी रमेश मलिक की तरफ से निजी सुरक्षाकर्मी मंगाए गए थे, जो कि वॉकी-टॉकी पर बातचीत कर सुरक्षा के लिए समन्वय बनाते नजर आए।
- मंच हो या जमीन, सभी को दिया गया एक समान दर्जा
किसान महापंचायत में नेता हो या कोई आम किसान सभी को एक समान दर्जा दिया गया। किसी भी नेता के लिए मंच पर न कोई सोफा मंगाया गया और न ही कुर्सी थी। जिस प्रकार हर किसान जमीन पर बैठा था, वैसे ही हर नेता को मंच की जमीन पर बैठना पड़ा।
- महापंचायत में जिंदाबाद जवानी-जिंदाबाद किसानी की गूंज
महापंचायत में ट्रैक्टरों पर पहुंचे युवाओं में काफी जोश दिखा। सभी ट्रैक्टरों पर एक ही गाने को बार-बार सुना और गाया जा रहा था। जो था कि मेरा नाम किसान, मेरी कौम किसानी, या खेती बाड़ी पुरखा की निशानी, जिंदाबाद जवानी- जिंदाबाद किसानी। यह गाना हरियाणवी कलाकार अजय हुड्डा और पंजाबी महिला कलाकार सोनिया मान ने गाया है। इसके अलावा दूसरा गाना था कि मोदी जी थारी तौब कड़े हम दिल्ली आगै। इन्हीं गानों से राकेश टिकैत का पानीपत में स्वागत किया गया।
- प्रसिद्ध कलाकार राम मेहर मेहला ने किसानों में भरा जोश
महापंचायत में आए किसानों के मनोरंजन के लिए रागिनी का प्रोग्राम भी किया गया था। जब तक किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और राकेश टिकैत पानीपत नहीं पहुंचे तब तक किसानों ने रागिनी सुनकर मनोरंजन किया। हरियाणा के प्रसिद्ध कलाकार राम मेहर मेहला ने रागिनी से किसानों में जोश भरा। उनकी प्रस्तुति तेरा सिस्टम सारा बिकाऊ है, किसान बेचारा कित जा गा, मेरा रंग दे बसंती चोला आदि रागिनियों को मंच से प्रस्तुत किया। वहीं इसके अलावा गांव जाटल गांव की महक कादियान ने भी अपनी कविताओं से सरकार पर निशाना साधा।
हाथ में हुक्का, तिंरगा और किसान यूनियन का झंडा टांग पहुंचा किसान
किसान महापंचायत में करनाल से बुजुर्ग किसान राजबीर पहुंचे। जिनके एक हाथ में हुक्का, दूसरे में भारत का तिरंगा व किसान यूनियन का झंडा और गले में लंच बॉक्स था। उन्होंने खुद को राकेश टिकैत का जीजा बताया। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगे जल्द नहीं मानती है तो वह इसका परिणाम आने वाले चुनाव में दिखा देंगे। वहीं इसके अलावा जाटल गांव निवासी निर्मला भी बैलगाड़ी में अपने पोता-पोती और अन्य किसान महिलाओं के साथ पहुंची।
- मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खिलाए किसानों को केले
महापंचायत में मुस्लिमों ने भी सेवा की। वे एक पिकअप केले भरकर अनाज मंडी में पहुंचे और किसानों को वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।