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आदशों के विरोध में सड़क पर उद्यमी और 10 हजार मजदूर, मुख्यमंत्री के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन

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पानीपत। लघु सचिवालय में मौजूद उद्योगपति जानकारी देते हुए । - फोटो : Panipat
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पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेशों के खिलाफ शनिवार को उद्यमी और करीब 10 हजार मजदूर सड़क पर उतर आए। उन्होंने सरकार, बोर्ड और आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। उद्यमी और मजदूर प्रदर्शन करते हुए जिमखाना क्लब से लघु सचिवालय तक पैदल शांति मार्च निकालते हुए पहुंचे। डीसी सुशील सारवान को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस बीच जीटी रोड पर शहर के लोगों को भीषण जाम का सामना करना पड़ा।
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इसके बाद उद्यमियों ने स्काई लार्क में प्रेसवार्ता की। उन्होंने आयोग के आदेशों को तुगलकी फरमान करार दिया। उद्यमियों ने कहा कि उन पर आदेश जबरन थोपे जा रहे हैं। पानीपत में छोटे-बडे कुल 10 हजार से अधिक उद्योग हैं, जिनमें पांच लाख मजदूर काम करते हैं। इन मजदूरों पर आठ लाख परिवारों की जिम्मेदारी है। पांच दिन से लगातार उद्योग बंद होने से करोड़ों का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि फैक्टरियों से वायु प्रदूषण नहीं होता, हर मशीन और बॉयलर की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होती है।
इनसेट
अडानी की गैस बिकवाने का प्लान
उद्यमियों ने कहा कि दिल्ली में गैस 32 रुपये है, जबकि पानीपत में 54 रुपये प्रति किलो है। यह अडानी की गैस बिकवाने का प्रयास है। गैस पर ही इंडस्ट्री चलानी है तो सस्ती उपलब्ध कराएं। महंगी पीएनजी मिलेगी तो उद्यमी पानीपत से पलायन कर जाएंगे। उद्यमियों ने जनरेटर पर रोक लगाने वाले आदेशों पर तर्क दिया कि वायु प्रदूषण ओवरलोड ट्रकों से होता है। सरकार को सिर्फ उद्योग ही नजर आ रहे हैं, उनकी मांग है कि जनरेटर चलाने की भी अनुमति दी जानी चाहिए।
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इनसेट
दुष्यंत चौटाला से मिलेंगे उद्यमी
पानीपत में रविवार को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटला पहुंचेंगे। जिनमें मिलकर उद्यमी अपनी मांगों को रखेंगे। हालांकि उनकी दुष्यंत चौटाला से फोन पर भी बात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह उनकी मांगों पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर बैठक करेंगे।
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क्या बोले उद्यमी:
- चार दिन से बंद उद्योग, फिर भी दिल्ली की प्रदूषण स्तर बढ़ा
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि चार दिन से उद्योग बंद हैं, इसके बावजूद दिल्ली में एक्यूआई 400 अंक से अधिक है। सरकार को उद्यमी बताना चाहते हैं कि इंडस्ट्री प्रदूषण नहीं करती। पानीपत को एनसीआर से बाहर किया जाए।
- कोयले से पीएनजी में उद्योग चलाने पर ढाई गुना लागत लगेगी
सेक्टर-29 पार्ट-1 प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि पीएनजी में उद्योग को परिवर्तित करते है तो ढाई गुणा लागत लगेगी। इसके लिए उन्हें दो से तीन साल तक का समय दिया जाना चाहिए। वहीं बॉयोगैस की भी अनुमति देनी चाहिए।
- विदेश से मिले ऑर्डर पूरे नहीं किए तो कर देंगे ब्लैकलिस्ट
पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सचदेवा ने बताया कि सरकार की तरफ से उन्हें उद्योग बंद करने के लिए न कोई नोटिस भेजा गया और न ही समय दिया गया। अचानक से उद्योग बंद करा दिए गए। जिस वजह उन्हें विदेशों से मिले ऑर्डर भी रुक गए और नुकसान हो गया। अगर विदेशों से मिले ऑर्डर उद्यमी तैयार नहीं कर पाए तो ब्लैकलिस्ट कर दिए जाएंगे।
- जीएसटी जमा कराने के मामले में हरियाणा तीसरे स्थान पर-
दिल्ली एनसीआर एसोसिएशन के प्रधान सुनील गोयल ने बताया कि जीएसटी जमा कराने के मामले में हरियाणा भारत का तीसरे नंबर का राज्य है। जहां सबसे ज्यादा जीएसटी जमा कराई जाती है। उन्होंने कहा कि उद्योग बंद होने से जीएसटी का भी नुकसान हो रहा है। इसलिए सरकार को जल्द से जल्द उद्योग चलाने की इजाजत देनी चाहिए।
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इन एसोसिएशन ने दिया समर्थन-
-आरडब्ल्यूए सेक्टर 24 एसोसिएशन
- डीएसीटीए
- वूवन फैब्रिक एसोसिएभशन
-अलीपुर बरसत रोड एसोसिएशन
- सेक्टर 25पार्ट-2 एसोसिएशन
-डीडी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
- इंडस्ट्रियल वेलफेयर एसोसिएशन
- द पानीपत वेलफेयर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन
- पानीपत हैंडलूम टेक्सटाइल एसोसिएशन
- पानीपत डायर्स एसोसिएशन
- आसन इंडस्ट्रियल एसोसिएशन आदि
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ज्ञापन में मुख्य मांगे..
1. पानीपत को एनसीआर से बाहर कर दिया जाए।
2. पीएनजी से छुटकारा दिलाया जाए
3. सेक्टर एन्हांसमेंट की फाइल को पास किया जाए।
4. पीएनजी में परिवर्तित होने के लिए दो से तीन साल तक समय दिया जाए।
5. दिल्ली की तर्ज पर 30 से 32 रुपये कीमत में गैस मुहैया कराई जाए।
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पोस्टरों पर दिखे स्लोगन...
- दिल्ली में जहर पानीपत में कहर..
- पानीपत उद्योग बचाया जाए, तुगलकी फरमान वापस लिया जाए
- प्रदूषण दिल्ली, पानीपत बंद क्यों
- हमारे उद्योगों के नॉर्म्स पूरे, फिर भी हम बुरे
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इस रूट से लघु सचिवालय पहुंचे उद्यमी और मजदूर-
सभी उद्यमी और मजदूर सुबह करीब साढ़े 10 बजे जिमखाना क्लब के ग्राउंड में इकट्ठा हुए। उसके बाद करीब 11 बजे वह जिमखाना से होते हुए मलिक पेट्रोप पंप से जीटी रोड पर पहुंचे। रॉन्ग साइड से होते हुए होटल गोल्ड के पास से फ्लाईओवर के नीचे से गोहाना रोड की तरफ पहुंचे। जहां से संजय चौक, रेलवे रोड, लालबत्ती चौक से होते हुए करीब साढ़े 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचे।
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