शनिवार को दिनभर चली बूंदाबांदी के बाद रात को भी रुक-रुककर बारिश होती रही। हालांकि रविवार सुबह बारिश रुक चुकी थी लेकिन दिनभर घने बादल छाए रहे। वहीं, दिनभर ठंडी हवाएं चलती रही। इससे अधिकतम तापमान में करीब 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दो दिन की बारिश और ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल को हालांकि भरपूर फायदा मिलने की संभावना है लेकिन सरसों व सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं, रविवार को दिनभर बादल छाए रहने व ठंडी हवाएं चलने से अधिकतर लोग अपने घरों में दुबके रहे। सुबह से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने लोगों को जमकर ठिठुराया। बुजुर्गों व बच्चों को तो तेज हवा ने पूरे दिन घरों में ही दुबके रहने पर मजबूर कर दिया। वहीं, ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों मौसम साफ व खुश्क रह सकता है। लेकिन लोगों को सुबह-शाम घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि इन दिनों प्रचंड ठंड अपने तीखे तेवर दिखा रही हैं। पहाड़ों में हुए हिमपात और मैदानी क्षेत्रों में बारिश के चलते उत्तर भारत के कई राज्य शीत लहर की चपेट में हैं। पंजाब, हरियाणा सहित आसपास के क्षेत्र में भी हिमपात का असर बढ़ी ठंड के रूप में दिखाई दे रहा है। आलम यह रहा कि घर की चहारदीवारी के भीतर भी लोग ठिठुरन और गलन महसूस करते रहे। सुबह-शाम की ठंड नश्तर की भांति चुभ रही है। रविवार को अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। जहां शुक्रवार को पानीपत का अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री, वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान में शनिवार के मुकाबले करीब 2 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। शनिवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि रविवार को न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी का स्तर 79 से 99 प्रतिशत रहा। ठंडी हवाओं की गति 9 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
- कोहरा छाने व ठंड बढ़ने के आसार
मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में सोमवार को धूप निकलने के आसार हैं। 24 जनवरी के बाद बादल छटने लेकिन कोहरा छाने तथा ठंड बढ़ने के आसार हैं। अगले 2 दिनों के दौरान पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में घने कोहरे की संभावना है और 24 जनवरी को इन क्षेत्रों में ठंड के हालात बने रहेंगे। 25-27 जनवरी के दौरान इन क्षेत्रों में अलग-अलग इलाकों में शीत लहर की स्थिति की संभावना भी है। 28 जनवरी को न्यूनतम तापमान गिरकर 4 डिग्री तक पहुंच सकता है।
- गेहूं को लाभ तो आलू, सरसों, मटर की फसल को नुकसान
दो दिन से जारी बारिश ने गेहूं की फसल को लाभ पहुंचाया है। सरसों, आलू, मटर समेत अन्य सब्जियों की फसल के लिए बारिश नुकसानदायक साबित हुई है। जिले में पछेती गेहूं की बुआई ठप हो गई है। किसानों की चिंता बढ़ी है। गन्ने की छिलाई और ढुलाई का कार्य ठप होने से शुगर मिलों में नो केन की स्थिति बनी है। आगामी दिनों मौसम खराब रहा तो किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है।
वर्जन-
- बारिश से गेहूं की फसल को फायदा होगा। मगर ज्यादा बारिश गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान करेगी। क्षेत्र में इस बार सरसों का रकबा बढ़ा है। गेहूं की फसल अभी तक ठीक है। अब और बारिश हुई तो फसलों में नुकसान होगा।
- डॉ. वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।
वर्जन-
- पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव तथा राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन से उत्तरी व पश्चिमी क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ कहीं हल्की व कहीं मध्यम बारिश हुई है। पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव रविवार रात तक बने रहने की संभावना है। 25 जनवरी को ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम खुश्क रहेगा। सुबह धुंध छाने तथा 26 जनवरी से हल्की गति से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में गिरावट संभावित रहेगी।
- डॉ. डीएस बुंदेला, मौसम विशेषज्ञ।