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सदस्यता शुल्क जमा नहीं होने पर चैंबर ऑफ कॉमर्स की जिला इकाई भंग, दो फाड़

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पानीपत। मीटिंग के दौरान मौजूद उद्योगपती। - फोटो : Panipat
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राज्य इकाई को सदस्यता शुल्क जमा न कराने पर चुनाव के दो माह बाद ही चैंबर ऑफ कॉमर्स की जिला इकाई की कार्यकारिणी भंग कर दी गई। यहां तक कि जिले के 350 उद्योगपतियों की सदस्यता भी रद्द हो गई। कई बार याद दिलाए जाने के बावजूद शुल्क जमा नहीं कराने पर दोनों रिटर्निंग ऑफिसर ने जिला रजिस्ट्रार के पास अपना इस्तीफा भेज दिया। साथ ही भंग जिला इकाई में दो फाड़ हो गई।
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जिला इकाई भंग होने के साथ ही दो गुट बन गए। एक गुट विरोध में उतर आया है। उद्योगपति प्रीतम सचदेवा, भीम राणा, श्रीभगवान अग्रवाल, राकेश गर्ग, पुरुषोतम शर्मा, धनराज बंसल और अनिल बंसल ने इकाई भंग होते ही पसीना रोड फैक्टरी में बैठक की। इन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स की जिला इकाई के चेयरमैन और विशेष सचिव पर गंभीर आरोप लगाए और आमसभा बुलाकर दोबारा चुनाव कराने की मांग रखी।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व चेयरमैन प्रीतम सचदेवा ने कहा कि चुनाव में विनोद खंडेलवाल को चेयरमैन चुना गया था। वह दो बार से चेयरमैन हैं। एक सदस्य का सालाना सदस्यता शुल्क 10 हजार रुपये है। इनमें से दो हजार रुपये राज्य इकाई में जमा किए जाते हैं। सभी सदस्यों ने अपना शुल्क जमा करा दिया, लेकिन चेयरमैन ने राज्य इकाई को शुल्क जमा नहीं कराया। सदस्यता शुल्क के सात लाख रुपये चैंबर के चेयरमैन के पास ही हैं। रिटर्निंग ऑफिसर एडी गांधी और राजेंद्र नाथ पानीपत चैंबर ऑफ कॉमर्स को बकाया चल रहा सदस्यता शुल्क जमा कराने की कह रहे थे। जब शुल्क जमा नहीं हुआ तो दोनों आरओ ने इस्तीफा दे दिया। ऐसे में पानीपत के सदस्यों का रिकॉर्ड अपलोड नहीं हुआ और सभी की सदस्यता रद्द हो गई। अब चैंबर ऑफ कॉमर्स में कोई सदस्य नहीं है।
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राकेश गर्ग को व्हॉट्सअप ग्रुप से निकाला तो फूटा गुस्सा
चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व महासचिव राकेश गर्ग ने बताया कि उन्होंने एचसीसीआई के व्हॉट्सएप ग्रुप में सदस्यता शुल्क जमा कराने का मुद्दा उठाया था। मकसद था कि स्टेटस जाना जा सके। इस पर विशेष सचिव ने उन्हें व्हॉट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं ग्रुप में किसी की ओर से भी मैसेज डालने पर पाबंदी लगा दी। इसी कारण उद्यमियों का गुस्सा फूटा है।
तालिबान की तरह काम कर रहे हैं पदाधिकारी : श्री भगवान
यहां के पदाधिकारी तालिबान की तरह काम कर रहे हैं। किसी को बोलने की आजादी नहीं दी जा रही है। पूरे प्रदेश में हमारी किरकिरी हुई है। जब सभी सदस्यों के पैसे आ गए थे तो जमा क्यों नहीं करवाए गए।
-श्री भगवान अग्रवाल, प्रधान, सेक्टर-29 इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन
जल्द आम सभा बुलाई जाए : राणा
यह गलत हुआ है। यहां के पदाधिकारियों के कारण कार्यकारिणी भंग हो गई है। रिटर्निंग ऑफिसर को इस्तीफा देना पड़ा है। अब जल्द आमसभा बुलाई जाए और चुनाव कराए जाएं।
- भीम राणा , प्रधान, पानीपत डायर्स एसोसिएशन
मुझे ग्रुप से क्यों निकाल, जवाब दें : गर्ग
सदस्यता शुल्क जमा कराने का मुद्दा उठाया तो उन्हें ग्रुप से ही निकाल दिया। पदाधिकारी उनसे बोलने का भी अधिकार छीन रहे हैं। ऐसे नहीं चलने देंगे। मुझे ग्रुप से क्यों निकाला, इसका जवाब दें।
- राकेश गर्ग, पूर्व महासचिव चैंबर ऑफ कॉमर्स
कोई कार्यकारिणी भंग नहीं हुई है। सभी पदाधिकारी रिटर्निंग अधिकारी के संपर्क में हैं। राज्य प्रधान के अलावा कोई कार्यकारिणी को भंग नहीं कर सकता है। आमसभा में सब साफ कर दिया जाएगा। कोरोना कॉल के कारण कुछ बकाया जमा नहीं हो सका है। किसी को व्हॉट्सएप ग्रुप से निकालना विशेष सचिव से संबंधित है। इसमें चेयरमैन की कोई भूमिका नहीं है। हम अपना काम ईमानदारी से कर रहे हैं और भविष्य में भी करते रहेंगे।
- विनोद खंडेलवाल, चेयरमैन चैंबर ऑफ कॉमर्स
कई साल से चैंबर ऑफ कॉमर्स चल रहा है। यह विपक्ष है। इनके कहने से कार्यकारिणी भंग नहीं होती। कार्यकारिणी ऐसे ही रहेगी। बैठक में सभी की गलतफहमी दूर कर दी जाएंगी।
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- मनीष अग्रवाल, महासचिव चैंबर ऑफ कॉमर्स
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