राज्य सूचना आयोग ने एस्टेट ऑफिसर हुडा फरीदाबाद को आरटीआई एक्ट का उल्लंघन का दोषी माना है। आयोग ने एसपी फरीदाबाद को जमानती वारंट भेजकर एस्टेट ऑफिसर फरीदाबाद को छह जून को चंडीगढ़ पेश होने के आदेश किए हैं। इसके साथ ही ऑफिसर पर 25 हजार रुपये जुर्माने का कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इस संबंध में पीपी कपूर ने शिकायत दी थी।
समालखा निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने बताया कि 16 मई 2016 को एस्टेट ऑफिसर फरीदाबाद से आरटीआई के तहत फरीदाबाद के औद्योगिक प्लाट से जुड़ी सूचनाएं नौ बिंदुओं पर मांगी थी। वहां से सिर्फ एक बिंदु की सूचना सही दी गई। शेष सूचना भ्रामक और अधूरी थीं। इसके बाद उन्होंने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं प्रशासक हुडा, फरीदाबाद से छह सितंबर 2016 को शेष सूचनाएं सही और पूरी देने के लिखित आदेश करवाए। इसके बाद भी एस्टेट ऑफिसर ने जानकारी नहीं दी। राज्य सूचना आयोग ने नौ मार्च को सुनवाई के बाद एस्टेट ऑफिसर फरीदाबाद को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माने का नोटिस जारी करते हुए शेष सूचनाएं तीन सप्ताह में देने के आदेश दिए हैं। साथ ही एक मई को चंडीगढ़ पेश होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए थे। लेकिन वे न तो तो आयोग के समक्ष पेश हुए और न ही कोई सूचना भेजी। इस पर राज्य सूचना आयुक्त मेजर जनरल जेएस कुंडू ने एस्टेट ऑफिसर हुडा फरीदाबाद को 6 जून को 25 हजार जुर्माने के नोटिस का जवाब देने और आरटीआई से संबंधित समस्त रिकॉर्ड लेकर चंडीगढ़ तलब किया है। आदेश की प्रति जमानती वारंट सहित एसपी फरीदाबाद को भेजकर एस्टेट ऑफिसर फरीदाबाद की पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।