पानीपत। नगर निगम सदन की बैठक मेें सदन ने निगम पर संपत्ति कर के आधार पर किए सर्वे और एनडीसी जारी करने पर भी भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। पार्षदों ने कहा कि जिस आधार पर सर्वे किया गया था, निगम उस आधार पर एनडीसी जारी क्यों नहीं करता। क्यों लोगों को डिविजन और सब डिजिवन में उलझाया गया है। इसमें अब नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच तक को शामिल कर दिया गया है, जबकि इस काम में बिल्डिंग ब्रांच की कोई भूमिका नहीं है। ऐसा जानबूझकर निगम ने इसलिए किया है ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा परेशान किया जाए।
पार्षद रविंद्र भाटिया ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया। उनकी बात पर सभी पार्षद सहमत भी हुए। उन्होंने निगम पर सवाल दागे कि ऐसा क्यों किया जा रहा है। उन्होंने सरकार की तरफ से जारी नियमों की चिट्ठी भी सदन के सामने रखी। उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स में जो डिटेल है, वह डिटेल एनडीसी पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं की जा रही है। एनडीसी डिटेल को गलत तरीके से अपडेट किया गया है। लोगों के प्लाटों को गुणा भाग में उलझा दिया गया है, जबकि डिविजन और सब डिविजन के बिना भी रजिस्ट्री हो रही हैं।
इस पर आयुक्त आरके सिंह ने कहा कि ऐसा प्रदेश में कहां हो रहा है, उन्हें भी बताएं। उन्होंने कहा कि उनका डाटा पुराने जीआईएस सर्वे के आधार पर है। जिसमें खामियां हैं। इस पर पार्षद बोले कि यमुनानगर में ऐसा ही हो रहा है। केवल पानीपत निगम के अधिकारी जानबूझकर ऐसे नियम बना रहे हैं, ताकि लोग इन नियमों में ही उलझे रहें।
श्रेेणी बदलने का रखा प्रस्ताव, एक करोड़ से घटकर 10 लाख होगा राजस्व : डीएमसी
इसी दौरान संपत्तियों की श्रेणी बदलने का प्रस्ताव भी निगम में रखा गया, जिस पर डीएमसी से रिपोर्ट तलब की गई। डीएमसी ने बताया कि अब तक उनके संज्ञान में ऐसी 39 संपत्तियां आ चुकी हैं, जिन पर करीब 1 करोड़ 5 लाख का टैक्स बकाया है। अगर इनकी श्रेणी बदली दी जाती इनका टैक्स महज 10 लाख 52 हजार रुपये बन जाएगा। इस पर ये भी फैसला लिया गया कि इन संपत्तियों पर पहले क्लर्क रिपोर्ट करेंगे। इसके बाद टैक्स सुपरिंटेंडेंट करेंगे। इसके बाद एडीए या ईओ या डीएमसी साइन करेंगे। अंत में इस पर संबंधित एरिया के पार्षद हस्ताक्षर होंगे। खास बात ये रहेगी कि पार्षद के हस्ताक्षर केवल क्लर्क करवाएंगे और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
जेबीएम के काम से असंतुष्ट पार्षद, जुर्माना लगाने और भुगतान रुकवाने की मांग
निगम पार्षद अशोक छाबड़ा ने वार्ड में जेबीएम की बदहाल व्यवस्था का जैसे ही जिक्र किया उनके साथ कई पार्षद जेबीएम पर भड़क गए। पार्षद पवन गोगालिया, शकुंतला गर्ग, अशोक छाबड़ा ने जेबीएम के खिलाफ लिखित शिकायत देने की बात करते हुए कहा कि सदन जेबीएम पर जुर्माना लगाए और इनका भुगतान तक रुकवाए। उन्होंने कहा कि वार्ड में लोगों के घरों में कूड़ा पड़ा पड़ा सड़ रहा है। जेबीएम कंपनी कूड़ा उठाने के लिए आती ही नहीं है। जेबीएम को सिर्फ अपने मासिक बिल से मतलब है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर में सफाई नहीं हो पा रही है।
रिफाइनरी देगी 34 लाख के ट्री गार्ड, लगवाएं पौधे
नगर निगम सदन की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बताया कि शहर में पौधरोपण करने के लिए रिफाइनरी करीब 34 लाख रुपये से ट्री गार्ड उपलब्ध करवा रही है। इसका बजट भी निगम के पास आ चुका है। अब शहर में निगम वार्ड वाइज पौधरोपण का काम करेगा। जिस पर सदन ने कहा कि पहले ट्री गार्ड मंगवा लिए जाएं इसके बाद भी पौधरोपण होगा। बिना ट्री गार्ड के पौधे लंबे समय तक टिक नहीं पाएंगे।
शहर में लगेगी हरीश शर्मा की प्रतिमा
वार्ड नंबर 3 की पार्षद अंजलि शर्मा ने सदन में प्रस्ताव रखा कि उनके पिता एंव पूर्व पार्षद समेत भाजपा के नेता हरीश शर्मा की याद में वार्ड 3 के फतेहपुरी चौक पर उनकी प्रतिमा लगवाई जाए। इस पर सभी ने मंजूरी दी। इसके साथ रामलाल चौक पर लाला जगत नारायण की प्रतिमा को भी मंजूरी मिली। वहीं, शहर में कई प्रतिमाएं रखवाने के लिए भी विचार विमर्श किया गया।