पानीपत। सिविल अस्पताल के आउटसोर्सिंग ठेकेदार के खिलाफ आठवें दिन भी कर्मचारियों का धरना जारी रहा। कर्मचारियों ने मांगे न मानी जाने तक ड्यूटी पर लौटने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों का एक दल सिविल सर्जन व पीएमओ से मिला, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि वो ठेकेदार के कर्मचारी है इसलिए वो उनकी मदद नहीं कर सकते। यह भी कहा कि वे सिर्फ ठेकेदार से उनकी मीटिंग करा सकते हैं लेकिन उस पर कोई दबाव नहीं बना सकते।
उधर, धरना स्थल पर बुधवार को कर्मचारियों ने ठेकेदार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने में मजदूर संघ से विजय लक्ष्मी पहुंची। उन्होंने कर्मचारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। कर्मचारी संघ के पदाधिकारी हरीश , दिनेश, नरेश, संगीता, कुलदीप व सुरेंद्र ने कहा कि ने कहा कि ठेकेदार मनमानी कर रहा है। उनके सुपरवाइजर कर्मचारियों के साथ गाली गलौज करते हैं। महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार किया जाता है। अगर वो इसका विरोध करते है तो उन्हें हटा दिया जाता है। ठेकेदार ने 24 नवंबर को 12 कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया था। कर्मचारियों पर अनुशासित न होने के आरोप लगाया गया। इससे गुस्साएं कर्मचारी ठेकेदार के विरोध में उतर आए। कर्मचारियों ने ठेकेदार पर तानाशाही करने का आरोप लगाया। शुक्रवार को ठेकेदार कर्मचारियों के एक दल के साथ मीटिंग करेगा।