मतलौडा। पंजाब की जगराओ मंडी में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पीडीएफए इंटरनेशनल डेयरी एंड एग्री एक्सपो चैंपियनशिप-2021 में जिले के गांव सौधापुर के भैंसे चांद ने बाजी मारी है। चांद इस प्रतियोगिता में आए नामी भैंसे को हराते हुए चैंपियन बना है। गांव पहुंचने पर चांद व उसके मालिक मराठा प्रदीप टूर्ण का भव्य स्वागत किया गया। घर की बेटी मानवी ने तिलक लगाकर चांद की आरती उतारी और लड्डू खिलाकर उसका मुंह मीठा भी करवाया। वहीं घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। इस बीच ग्रामीण चांद के साथ सेल्फी लेते भी नजर आए।
मराठा प्रदीप टूर्ण बीटेक पास हैं, जो नोएडा एयरपोर्ट पर एक कंपनी में इलेक्ट्रिक इंजीनियर थे। प्रदीप को बचपन से ही पशु पालन का शौक था। इसलिए उन्होंने इंजीनियर की नौकरी छोड़ दी। बाद में यह शौक अच्छी नस्ल के पशु तैयार करने में बदलता चला गया। उनका ही ये झोटा चांद अंतरराष्ट्रीय चैंपियन बना है। इसकी कीमत करोड़ों मानी जा रही है। चांद के पिता सुल्तान की कीमत 21 करोड़ लगी थी और दादा गोलू था, जिसकी किम्मत 25 करोड़ रुपये लगी थी। गोलू को इसके मालिक नरेंद्र ने गोलू डेरी फार्म डिडवाड़ी में जी जान से पाला था। गोलू ने नरेंद्र को पद्मश्री अवार्ड भी दिलवाया था।
राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी में जीता था पहला स्थान
इससे पहले भी चांद कई प्रतियोगिताएं जीत चुका है। दो वर्ष नौ माह की आयु में नहला (भूना) जिला फतेहाबाद में आयोजित नेशनल स्तरीय पशु प्रदर्शनी में 2 से 4 दांत कैटेगरी में हिस्सा लिया। इसमें देश भर से लगभग 600 पशुओं ने हिस्सा लिया था। इसमें चांद ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके नोडल अधिकारी तथा फतेहाबाद पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक ने प्रदीप को नकद राशि, प्रथम स्थान का प्रमाणपत्र व शील्ड देकर सम्मानित किया था।
इससे पहले जनवरी 2020 में चांद ने डेयरी फार्मर एसोसिएशन द्वारा कुरुक्षेत्र में आयोजित राष्ट्र स्तरीय पशु प्रदर्शनी में तीसरा स्थान पाया था। मार्च 2020 में एनडीआरआई करनाल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पशु प्रदर्शनी में चौथा स्थान वह हासिल कर चुका है। अब पंजाब के जगराओं मंडी में आयोजित पीडीएफए इंटरनेशनल डेयरी एवं एग्री एक्सपो चैंपियनशिप में लगभग 3000 पशुओं में चांद ने सबसे कम उम्र का होते हुए भी सीनियर चैंपियनशिप जीती है।
हर रोज खाने पर होता है दो हजार खर्च -
प्रदीप ने बताया कि वह कटड़े को चना, चने का आटा, गेहूं, बिनौला खल, हरी सब्जियां व चारा खिलाते हैं। इसके अलावा हर रोज पांच लीटर दूध पिलाते हैं। खाने की डाइट व दिनचर्या, पशु चिकित्सकों की सलाह अनुसार चलती है। इसके साथ ही हर रोज पांच किलोमीटर की सैर भी कराते हैं। चांद दिन में दो से तीन बार नहाता है। गर्मियों में कूलर की हवा में गद्दे पर सोता है।
बर्थडे पर काटा जाता है केक
चांद का जन्म 11 मई, 2018 का है। परिवार वाले चांद का जन्मदिन केक काट कर मनाते हैं। चांद की ऊंचाई 5 फीट 10 ईंच, लंबाई 15 फीट व वजन 7 क्विंटल है।
चांद ने हराया नौ करोड़ी युवराज का बेटा चांदवीर
चांद के पिता सुल्तान थे। सुल्तान का मुकाबला पहले कई बार युवराज के साथ होता था। इस प्रतियोगिता में युवराज के बेटे चांदवीर समेत गतौली के बुल रुस्तम ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। चांद ने चांदवीर व रुस्तम जैसे नामी कटड़ों को पछाड़ते हुए चैंपियनशिप जीती।