पानीपत। अनाज मंडी पानीपत में लगे हुए धान के ढेर।
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बाबरपुर अनाजमंडी में शुक्रवार को खरीद एजेंसी हैफेड ने धान की एक ढेरी में नमी ज्यादा बताकर खरीदने से इंकार कर दिया। जब किसान ने दूसरी मशीन से धान में नमी की जांच की तो नमी कम मिली। इससे किसान आक्रोशित हो गए और नमी बताने वाली मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। किसानों के आक्रोश को देखते हुए बाबरपुर अनाजमंडी में धान की खरीद बंद कर दी गई।
समस्या को लेकर किसान मशीन सहित उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और मशीन की जांच करवाकर खरीद एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उपायुक्त ने आक्रोशित किसानों का उनकी समस्या हल करने और जांच करवाने का आश्वासन दिया है। वहीं, उपायुक्त ने एसडीएम और डीएफएससी को जांच के आदेश दिए है।
किसानों द्वारा कब्जे में ली गई मशीन द्वारा शुरुआती प्वाइंट ही 4 निर्धारित किया गया था। यदि किसी धान के ढेर में नमी 18 प्रतिशत है तो उस मशीन द्वारा नमी को 22 प्रतिशत बताया जा रहा था।
पानीपत अनाज मंडी में खरीददारों के न आने से खरीद संभव नहीं हो पाई जिससे किसानों में आक्रोश हैं। किसानों का कहना है कि कहीं मिलर्स की सरकार से अपनी मांगों को लेकर खींचतान चली हुई है। वहीं, धान में नमी बताकर खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद से इंकार किया जा रहा है।
मंडियों में पूसा-1509 और पीआर धान की आवक जारी है। मंडियां धान से अट चुकी हैं लेकिन किसानों की तरफ न तो सरकार, न ही खरीद एजेंसियां ध्यान दे रही हैं। किसानों की दुर्गति होती जा रही है। बारदाने की कमी भी बनी हुई है। बुधवार को खरीदे गए धान का वीरवार शाम तक उठान नहीं हो पाया है।
-धर्मवीर मलिक, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, पानीपत।
पानीपत। नमी बताने वाली मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाकर लघु सचिवालय पहुंचे किसान।- फोटो : Panipat