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आखिर प्रशासन ने ली सुध, जल्द शुरू होगा फैक्टरी गिराने कार्य, तब तक बेघर हुए परिवारों के लिए मुहैया कराए 25 अस्थायी फ्लैट

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After all, the administration took care, the work of demolishing the factory will start soon, by then 25 temporary flats provided for the homeless families - फोटो : Panipat
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पानीपत। आखिर जिला प्रशासन और शहर के नेताओं को 56 घंटे बाद सड़क पर भूखे-प्यासे बैठे सैनीपुरा कॉलोनी के बेघर निवासियों की याद आ ही गई। रविवार को इनसे मिलने के लिए सांसद, विधायक, उपायुक्त और एसपी पहुंचे। यहां तक किया गया कि फैक्टरी की जर्जर इमारत और उन लोगों के मकानों के गिरने का खतरा टलने तक किसी और जगह पर अस्थायी रूप से ठहराया जाएगा। फैक्टरी में आग लगने से बेघर हुए पीड़ित परिवारों को दिल्ली पैरलल नहर किनारे बने अपार्टमेंट के 25 फ्लैटों में अस्थायी रूप से ठहराएंगे।
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रातभर सड़क पर बिताने के बाद लोगों का सब्र जवाब दे गया। दो दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि लोगों की समस्या जानने नहीं पहुंचा था। इससे नाराज कॉलोनी निवासी सुबह 10 बजे सांसद संजय भाटिया के कार्यालय पर पहुंच गए। सांसद ने आश्वासन देकर परिवारों को लौटा दिया, फिर दोपहर 12 बजे सांसद संजय भाटिया, विधायक प्रमोद विज, उपायुक्त सुशील सारवान, एसपी शशांक कुमार सावन, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ, नगर निगम के एक्सईएन प्रदीप कल्याण कारपेट फैक्टरी में आग लगने से कॉलोनी के लोगों के जर्जर हुए मकानों का जायजा पहुंचे। कॉलोनी वासियों ने सांसद को एक मांगपत्र सौंपा, जिन्हें मानते हुए जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन दिया गया।
बेघरों को फ्लैटों में शिफ्ट कराने पहुंचे, लोगों ने कहा कि सुबह करेंगे शिफ्ट
कारपेट फैक्टरी को गिराने के लिए लोगों को शिफ्ट किया जाना है। ऐसे में परिवारों और उनके सामान को शिफ्ट कराने के लिए रविवार की शाम नगर निगम एक्सईएन प्रदीप कल्याण, पीडब्ल्यूडी एसडीओ रामपाल जागलान, मॉडल टाउन थाना प्रभारी योगेश कटारिया टीम के साथ पहुंचे। जिस पर परिवारों ने पांच मिनट का समय मांगा और बैठक की। फैसले के बाद उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सुबह नौ बजे शिफ्ट करेंगे, क्योंकि अभी देर हो चुकी है।
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- प्रशासनिक अधिकारियों के सामने यह रखी मांगें
1.जितने भी घरों का नुकसान हुआ उनके रहने के लिए प्रबंध किया जाए।
2. मकानों का सामान प्रबंध किए गए फ्लैट में शिफ्ट किया जाए।
3. सामान शिफ्ट कराने में प्रशासन की तरफ से श्रमिक मुहैया कराए जाएं।
4. मकान में नुकसान की भरपाई प्रशासन या फैक्टरी मालिक से कराई जाए।
5. रिहायशी कॉलोनी में चल रही फैक्टरियों को बंद कराया जाए।
12 मकान मालिकों के साथ किराएदार को भी मिलेगा अस्थायी फ्लैट
प्रशासन ने 12 मकान में रहने वाले परिवार के लोगों के लिए फ्लैट जारी किए। जिनमें पवन कुमार, राजा बाबू, मनोज, विजय शर्मा, कुलदीप, ईश्वर शर्मा, देशराज सैनी, कृष्ण वर्मा, मनीष कुमार, लक्ष्मी देवी, मोनू के मकानों में दरार है। वहीं इनमें से कुछ मकानों में सात परिवार किराए पर रहते हैं, जिनमें 25 सदस्य शामिल हैं। इनको भी अस्थायी फ्लैट दिया जाएगा। वहीं इसके अलावा दूसरे सिरे पर रहने वाले मिराल अहमद, अनिल कुमार, अनिल, ज्ञानंती देवी, बिजेंद्र को भी अस्थायी फ्लैट मिलेंगे।
पीड़ित परिवार के दुख में मैं साथ हूूं: विधायक प्रमोद विज
आग की वजह फैक्टरी मालिक के साथ ही लोगों को भी काफी नुकसान हुआ है। इसका सर्वे कराया जा रहा है। पीड़ित परिवारों की तरफ से दिया गए पत्र से वह पूर्ण रूप से सहमत है। सभी मांगों को जल्द पूरा कराएंगे। किसी पर रुपयों का बोझ नहीं पड़ेगा। सबसे पहले फैक्टरी की दीवारों को सावधानी पूर्वक उतारने का काम किया जाएगा, तब तक लोगों के लिए रहने की अस्थायी व्यवस्था की है।
- प्रमोद विज, विधायक, शहरी विधानसभा सीट
25 परिवारों को दिया जाएंगे अस्थाई फ्लैट : एक्सईएन
मौके पर निरीक्षण के बाद एक रिपोर्ट तैयार की गई है, जल्द फैक्टरी को गिराने का काम शुरू किया जाएगा। जब तक काम चलेगा तब तक लोगों को अस्थायी फ्लैट में ठहराया जाएगा। फिलहाल 25 अस्थायी फ्लैट परिवारों के लिए तैयार किए गए हैं। सोमवार सुबह नौ बजे से शिफ्ट का कार्य शुरू कराया जाएगा।
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- प्रदीप कल्याण, एक्सईएन, नगर निगम
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