मतलौडा। मतलौडा थानाक्षेत्र के अलुपुर गांव के एक घर में पुलिस की जांच पर सवाल उठे हैं। इससे जुड़ा एक महिला के साथ बहस का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वर्दी पहने पुलिसकर्मी अपनी निजी गाड़ी में सादे लिबास में एक महिला व पुरुष के साथ एक घर में जाकर अंदर कमरों में तलाशी लेते हुए दिखाई दे रहा है। वहीं घर में मौजूद महिला उक्त पुलिसकर्मी से सर्च वारंट व पुलिसकर्मी का आई कार्ड पूछते सुनाई दे रही है।
अलुपुर निवासी देवी सिंह ने बताया कि वह बीमार होने के कारण चलने फिरने में असमर्थ है। मंगलवार को उनके घर के बाहर एक प्राइवेट गाड़ी आकर रुकी। उसमें से एक पुलिस की वर्दी पहने व दो सादी वर्दी पहने महिला व पुरुष बिना किसी से बातचीत किए उनके घर में घुस गए और घर के अंदर जाकर कमरों की तलाशी लेने लगे। जब उनसे कारण पूछा तो पुलिसकर्मी ने बदतमीजी से बात की और उसको कहा कि पूरे परिवार को तबाह कर दूंगा। उनकी पुत्रवधू ने उनका वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मी पुत्रवधू पर भी चिल्लाने लगा। देवी सिंह ने बताया कि उस समय वह अपनी पुत्रवधू और दो छोटे बच्चों के साथ घर पर थी। पुलिस को अचानक घर में चिल्लाते सुनकर उनके दोनों बच्चे सदमे में हैं।
देवी सिंह ने बताया कि बिजली विभाग की ओर से उनके खेतों के पास से बिजली की लाइन खींची जा रही थी। जब लाइन का नक्शा देखा गया तो यह लाइन नक्शे के बिल्कुल अलग थी। इस पर उन्होंने लाइन को नक्शे के अनुसार खड़ा करने को कहा तो बिजली कर्मियों ने जबरदस्ती उन पर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया था। उक्त मुकदमे में परिवार के सदस्यों ने जमानत ले ली थी और उसके बाद उक्त झूठे मुकदमे को खारिज करने के लिए हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने मामले की दोबारा जांच करने के लिए नोटिस जारी किया। पुलिस ने हाईकोर्ट के नोटिस के अनुसार जांच करने के बजाय परिवार पर जबरदस्ती दबाव बनाना शुरू कर दिया। देवी सिंह ने बताया कि पुलिस के इस बर्ताव से पूरा परिवार सदमे में है। वीरवार को परिवार के लोग गृह मंत्री अनिल विज व डीजीपी से मिलकर उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।
मतलौडा थाना प्रभारी ट्रेनी आईपीएस मनदीप सिंह सूदन ने बताया कि एक मामले में उस घर के सोनू के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पुलिस को सोनू के घर पर होने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर जांच अधिकारी उसे पकड़ने के लिए उसके घर गए थे।