पानीपत। गांव रजापुर में रविवार को हो रहे एक बाल विवाह को बाल विवाह निषेध अधिकारी की टीम ने मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। आयु की जांच की तो दुल्हन 17 वर्ष की मिली। इसके बाद अधिकारी ने दूल्हा पक्ष को फोन कर दुल्हन के नाबालिग होने की सूचना दी। सोमवार को दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया था। यहां दस्तावेज की जांच के बाद विवाह पर रोक लगा दी गई।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उन्हें रविवार को सूचना मिली थी कि गांव रजापुर में बाल विवाह हो रहा है। इस पर उन्होंने अपनी टीम मौके पर भेजी। परिजनों की ओर से कोई पुख्ता सबूत न दिखाने पर उन्होंने विवाह रुकवा दिया। बारात सोनीपत के गांव दोहड़ से आनी थी। उन्होंने विवाह रुकवाने के बाद वर पक्ष को फोन कर लड़की के नाबालिग होने की सूचना दी। दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया। सोमवार को दोनों पक्ष दस्तावेज के साथ कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने बताया कि उनकी जांच में लड़की ही आयु 17 वर्ष की मिली है जबकि लड़के की आयु 23 वर्ष है। लड़के ने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। बड़ी बहन शादीशुदा है। उससे छोटा एक भाई है। घर में खाना बनाने के लिए बहू की आवश्यकता थी। इसलिए नानी ने उनका रिश्ता तय कराया था। उन्हें युवती के नाबालिग होने की सूचना नहीं थी। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल विवाह पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। छह जुलाई को दोनों पक्षों को कार्यालय बुलाया गया है। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।