पानीपत। हरियाणा के खेल मॉडल को समझने के लिए गुजरात से विभिन्न खेलों के 11 कोच मंगलवार को पानीपत पहुंचे थे। टीम में एथलेटिक्स के चार कोच सहित बाक्सिंग, कबड्डी, कुश्ती सहित अन्य खेलों के कोच शामिल हैं। उन्होंने स्टेडियम में जाकर अभ्यास के दौरान यहां के खिलाड़ियों का जज्बा और जोश देखा। साथ ही स्थानीय कोच और खिलाड़ियों से बातचीत भी की।
गुजरात की टीम मंगलवार सुबह 9:45 बजे पानीपत आ गई थी। यहां पहुंचने के बाद गुजरात की टीम ने शिवाजी स्टेडियम के ग्राउंड का दौरा किया। इस दौरान टीम ने पानीपत के 10 से ज्यादा कोच के साथ बातचीत की। टीम ने बताया कि पानीपत आने का मुख्य उद्देश्य एथलेक्टिस की सुविधाओं के बारे में विशेष तौर पर जानकारी हासिल करना है। उन्होंने ट्रेनिंग के साथ ही डाइट के बारे में जानकारी ली। विदित हो कि टोक्यो ओलंपिक में पानीपत के नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। इसके बाद एथलेटिक्स को लेकर लोगों में क्रेज बढ़ा है।
गुजरात की टीम ने हरियाणा के कोच से पूछा कि हरियाणा का युवा खेल की ओर इतना रुझान क्यों रखता है। इस पर पानीपत के एथलेटिक्स कोच महिपाल एवं कुश्ती कोच नरेंद्र ने बताया कि हरियाणा की खेल नीति अच्छी है। खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही इनाम की राशि भी सबसे अधिक है। इससे खिलाड़ी मेहनत के लिए प्रोत्साहित होता है।
अंतरराष्ट्रीय कबड्डी और कुश्ती खिलाड़ी देने वाले गांव भी पहुंची टीम
कबड्डी में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले गांव बुड़शाम और अहर का भी गुजरात की टीम ने सर्वे किया। गांव बुढ़शाम में खिलाड़ियों के अभ्यास के समय टीम को ले जाया गया, जहां खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखा। इससे पहले सुबह शिवाजी स्टेडियम का सर्वे करने के बाद गुजरात की टीम को शाम चार बजे राजीव गांधी खेल स्टेडियम का दौरा कराया गया। साथ ही कुश्ती के बारे में जानने को पट्टीकल्याणा, इसराना भी गए।
बोली गुजरात की टीम --
पदक विजेता खिलाड़ियों के बारे में जानने के साथ ही एथलेक्टिस में नीरज चोपड़ा के स्वर्ण पदक को लेकर भी हरियाणा में सर्वे कर रहे हैं। हमारी टीम में चार एथलेटिक्स कोच हैं, जो विशेष तौर पर एथलीट नीरज चोपड़ा जैसी प्रतिभाओं को जानने के लिए आए हैं।
- चिन्मय शुक्ला, वॉलीबॉल कोच, गुजरात टीम
- अधिक जानकारी जुटाने के लिए टीम को दो भागों में बांटा
दो टीम बनाकर अलग-अलग गांव में खेल का सर्वे किया गया है, जिससे अधिक से अधिक जानकारी जुटाई जा सके। सुबह एक टीम के साथ काम किया, लेकिन शाम को ज्यादा गांव में जाने के लिए दो टीम बनाईं, जिन्होंने अलग-अलग गांव में जाकर दौरा किया। यहां से जुटाई जानकारी को गुजरात में लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
- समीर पांचाल, हेड ऑफ डेलिगेशन, गुजरात टीम
गुजरात की टीम को पानीपत में खेल सुविधाओं के बारे में बताया गया। कोच से मुलाकात कराई गई। खिलाड़ियों को अभ्यास करते दिखाया गया।
- राज यादव, जिला खेल एंव युवा अधिकारी, पानीपत
- खेल सुविधाओं में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे : उपायुक्त
जिले में किसी भी खिलाड़ी के अभ्यास एवं उपकरण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। जिले के खिलाड़ियों से उम्मीद है कि वह भी नीरज चोपड़ा की तरह ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर आएंगे।
- सुशील सारवान, उपायुक्त, पानीपत