चंडीगढ़। हरियाणा के सभी जिला मुख्यालयों पर आधुनिक राजस्व रिकॉर्ड रूम 15 नवंबर तक तैयार हो जाएंगे। बरसों पुराने 17.44 करोड़ राजस्व अभिलेखों का डिजिटलाइजेशन कर दिया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने यहां से सभी जिलों के डीसी के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये स्वामित्व योजना की समीक्षा की। कौशल ने कहा कि प्रदेश में बरसों पुराने राजस्व अभिलेखों को डिजिटलाइज करने का काम तेजी से चल रहा है। अब जल्दी ये रिकॉर्ड माउस की एक क्लिक पर आसानी से उपलब्ध हो जाएंगे। अभी इन्हें देखने और पता लगाने में काफी समय लगता था। उन्होंने डीसी की उत्तराखंड में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत समाग्री भेजने की सराहना की।
कौशल के अनुसार राजस्व विभाग लाखों फाइलों और कागजातों से भरा हुआ है। कुछ रिकॉर्ड तो 1870 से भी पुराने हैं। इस नई पहल के तहत, महत्वपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों को स्कैन, सूचीबद्ध कर आधुनिक रिकॉर्ड रूम में डिजिटल बॉक्स में रख रहे हैं। कुल 18 करोड़ 70 लाख 38 हजार 840 दस्तवेजों में से 17 करोड़ 44 लाख 89 हजार 332 दस्तावेजों को अपलोड किया जा चुका है। पंचकूला और चरखी दादरी ने शत प्रतिशत इमेज अपलोड कर दी हैं। अब तक 10 लाख 45 हजार प्रॉपर्टी कार्ड बनाए जा चुके हैं। लोगों की आपत्तियों और विवादों को हल करने के लिए पोर्टल बनाया जा रहा है।
जिला अनुसार इमेज अपलोड का ब्योरा
करनाल में 1 करोड़ 11 लाख 98 हजार 823 इमेज को अपलोड किया गया है। हिसार में 1 करोड़ 26 लाख 55 हजार 132, भिवानी में 1 करोड़ 2 लाख 31 हजार 455, यमुनानगर में 93 लाख 11 हजार 851, गुरुग्राम में 72 लाख 28 हजार 605, पलवल में 94 लाख 63 हजार 812, कैथल में 63 लाख 76 हजार 32, कुरुक्षेत्र में 52 लाख 69 हजार 947, झज्जर में 48 लाख 98 हजार 296, फतेहाबाद में 85 लाख 76 हजार 651, रोहतक में 79 लाख 56 हजार 272, फरीदाबाद में 90 लाख 38 हजार 693, पानीपत में 55 लाख 65 हजार 385, सोनीपत में 82 लाख 10 हजार 2, सिरसा में 60 लाख 35 हजार 100, अंबाला में 71 लाख 11 हजार 683, नूूंह में 81 लाख 99 हजार 373 इमेज अपलोड कर दी गई हैं। जींद में 5405826, रेवाड़ी में 4493441, महेंद्रगढ़ में 7528936 इमेज को अपलोड किया जा चुका है।