चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज के वर्कशाप कर्मचारियों को न राजपत्रित अवकाश मिल रहे हैं और न ही वर्दी, जूते और साबुन का पैसा दिया जा रहा है। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा के आदेश पर अधिकारी अमल नहीं कर रहे। इससे कर्मचारियों में रोष बढ़ रहा है। मांगों के पूरा न होने के विरोधस्वरूप सभी डिपो के वर्कशाप कर्मचारी 9 अक्तूबर को काला बिल्ला लगा कर कार्य करेंगे।
11 अक्तूबर 2020 को हरियाणा निवास में वर्कशाप कर्मचारियों की परिवहन मंत्री के साथ बैठक हुई थी। इसमें राजपत्रित अवकाश पहले की भांति लागू करने की सहमति बनी। जूतों, वर्दी व साबुन के पैसे देने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे देखते हुए हरियाणा राज्य परिवहन कर्मशाला यूनियन ने वीरवार को चंडीगढ़ में बैठक कर अगली रणनीति बनाई। बैठक की अध्यक्षता राज्य प्रधान नीरज कुमार ने की।
इसमें महासचिव हरिकृष्ण, उपप्रधान आजाद सिंह, सह सचिव इंदरपाल, समन्वयक विजेंद्र, मुकेश जांगड़ा, पंकज कौशिक व त्रिलोक चंद इत्यादि ने लंबित पड़ी मांगों को लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों के रुख पर अपनी बात रखी। नीरज कुमार ने बताया कि बीते दिनों परिवहन विभाग की अधिकारी मीनाक्षी राज से सभी पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि राजपत्रित अवकाश को लेकर नियमों में संशोधन किया गया है। जल्द ही आदेश लागू कर दिए जाएंगे। उनके आश्वासन पर कोई कार्रवाई न होने के बाद 16 सितंबर 2021 को यूनियन ने परिवहन मंत्री को दोबारा ज्ञापन सौंपा था। उस पर भी अब तक ठोस अमल नहीं हुआ।