पंचकूला। यूक्रेन में फंसे भारतीय विद्यार्थियों को स्वदेश लाने के लिए हंगरी में बनाई गई रजिस्ट्रेशन व्यवस्था ठप हो गई है। अब बिना रजिस्ट्रेशन किए ही विद्यार्थियों को सीधा एयरपोर्ट ले जाया जा रहा है। एयरपोर्ट परिसर में ही उनको ठहराया जा रहा है। एयरपोर्ट खाली करने के दबाव के चलते पहले उन्हीं विद्यार्थियों को जहाज का टिकट मिल रहा है, जो एयरपोर्ट पर पहुंच गए हैं। जो पहले से होटलों या एंबेसी में रुके हुए हैं, उनको स्वदेश वापसी के लिए और इंतजार करना पड़ेगा।
सेक्टर-4 निवासी छात्रा आंचल शर्मा यूक्रेन में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रही है। आंचल ने बताया कि यूक्रेन से हंगरी पहुंचने वाले विद्यार्थियों का बॉर्डर पर पहुंचने के बाद पंजीकरण किया जा रहा था। इसके बाद एंबेसी ने तुरंत यूक्रेन छोड़ने की एडवाइजरी जारी कर दी तो हजारों की संख्या में विद्यार्थी एक साथ हंगरी बॉर्डर पर पहुंच गए। इंडियन एंबेसी के पास 300 से ज्यादा विद्यार्थियों को रखने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वहां हालात बेकाबू हो गए हैं और व्यवस्थाएं बिगड़ने लगी हैं। आसपास के सभी होटल और रेस्त्रां भी फुल हो चुके हैं। बच्चों को थोड़ी सी भी जगह मिल रही है तो वहां वो जैसे-तैसे समय निकाल रहे हैं
। अब यूक्रेन से हंगरी पहुंचने वाले विद्यार्थियों को सीधा एयरपोर्ट पर ले जाया जा रहा है। वहां अधिकारी एयरपोर्ट को खाली करने का दबाव बना रहे हैं तो पहले उन्हीं विद्यार्थियों को स्वदेश भेजा जा रहा है जो एयरपोर्ट पर मौजूद हैं। ऐसे में पहले से होटल और रेस्त्रां में रुके विद्यार्थियों को स्वदेश वापसी के लिए इंतजार और लंबा हो गया है। आंचल के पिता राजेश शर्मा ने कहा कि हंगरी पहुंचने के बाद बेटी के सुरक्षित होने की तसल्ली हो गई है। मगर वहां बनी अव्यवस्था परेशान कर रही है। सरकार को सभी बच्चों की मदद करनी चाहिए, मगर उसके लिए व्यवस्था बनाना भी बहुत जरूरी है।
बॉर्डर पर नहीं मिले भारतीय अधिकारी
आंचल शर्मा ने बताया कि जब से बॉर्डर पर पहुंचे तो बहुत अव्यवस्था का आलम बना हुआ था। जहाज की टिकट भले ही भारत सरकार करा रही है, मगर हंगरी में भारतीय अधिकारी विद्यार्थियों की सुध नहीं ले रहे हैं। होटलों और रेस्त्रां में सभी खुद के रिस्क और अपने खर्चे पर रुके हुए हैं। केवल 230 से 300 विद्यार्थियों के लिए एंबेसी द्वारा व्यवस्था की गई है।
पंचकूला की शेफाली को ले जाया जा रहा एयरपोर्ट
हरमिलाप नगर निवासी दीपाली ने बताया कि उसकी बहन शेफाली को हंगरी बॉर्डर से हंगरी पुलिस बस में बैठाकर पहले बुडापेस्ट ले गई। वहां पहुंचने के बाद एक बिल्डिंग में कुछ घंटे रखा गया और उसके बाद बस में बैठाकर एयरपोर्ट के लिए रवाना कर दिया गया। दीपाली ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक शेफाली को जहाज का टिकट मिल जाएगा।