चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान खराब फसलों के मुआवजे को लेकर निर्दलीय व कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खुद मोर्चा संभाला और स्थिति साफ की। महम से आजाद विधायक बलराज कुंडू ने किसानों को मुआवजा न मिलने संबंधी प्रश्न पूछा। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि रबी फसलों की विशेष गिरदावरी एक मार्च से शुरू हो चुकी है। इससे पहले कुंडू के सवाल पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आंकड़ों के साथ उसका जवाब दिया। इससे असंतुष्ट कुंडू मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सीट पर पहुंच गए और किसानों को राशि न मिलने के दस्तावेज सौंपे। कुंडू ने उपमुख्यमंत्री को भी अपने हलके के किसानों की पीड़ा बताई। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने के लिए कहा तो कांग्रेस विधायक किरण चौधरी, आफताब अहमद, अमित सिहाग, बीएल सैनी व जजपा विधायक राजकुमार गौतम बीच में कूद पड़े। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा है। विधायक को इसे उठाने से न रोका जाए।
इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर जिलों में ओलवृष्टि से फसलों के नुकसान की विशेष गिरदावरी का कार्य पहली मार्च से शुरू हो गया है। 28 मार्च तक नियमित गिरदावरी की गई है। रबी फसलों की सामान्य गिरदावरी का कार्य 28 फरवरी तक किया जाता है। अभी हाल ही में 25-26 फरवरी को ओलावृष्टि हुई है, इसलिए विशेष गिरदावरी मार्च में की जाएगी। जैसे ही विशेष गिरदावरी पूरी हो जाएगी, मुआवजा सीधा किसानों के खातों में डाल दिया जाएगा। धान, कपास, बाजरा खरीफ फसलों का 2020-21 का मुआवजे अभी दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महम, भैणी सूरजन, सैमाण, बेडवा, सीसर खास, भैणी चंद्रपाल, फरमाणा बादशाहपुर, मोखरा खेड़ी रोज, गुगाहेड़ी, बैंसी, खरक जाटान, बहलंबा, खरैंटी, निंदाना, बहुअकबरपुर, समरगोपालपुर समेत कुल 16 गांवों में 14,180 किसानों की फसलों को नुकसान होने की डीसी ने रिपोर्ट भेजी है। सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि भारी वर्षा, जलभराव तथा कीट के हमलों से होने वाले नुकसान की गिरदावरी में पारदर्शिता बरती जाए। कुंडू ने कहा कि पटवारी खेतों में जाते ही नहीं, किसी एक घर में बैठकर गिरदावरी कर देते हैं। गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए।
किसान चिंता ना करें : डिप्टी सीएम
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि किसान चिंता न करें, अगर किसानों की कृषि भूमि में जलभराव के कारण फसल की बिजाई नहीं हो पाती है तो पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। खरीफ-2021 के नुकसान के मुआवजे का भुगतान 15 मार्च 2022 तक करने के निर्देश दिए गए हैं। भारी वर्षा, जलभराव तथा कीट के हमलों से खरीफ 2021 की फसल कपास, मूंग, धान, बाजरा और गन्ना की फसल में नुकसान हुआ था जिसके लिए हरियाणा सरकार द्वारा विशेष गिरदावरी करवाई गई। इसमें करनाल, पलवल, नूंह, गुरूग्राम, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, चरखी दादरी, भिवानी, रोहतक, सोनीपत, झज्जर समेत कुल 12 जिलों के डीसी की रिपोर्ट के अनुसार 9,14,139 किसानों को प्रभावित पाया गया। उन्हें 561 करोड़ रुपये मुआवजा दे रहे हैं। 24,320 किसानों के मुआवजे को उनके बैंक खाते में सीधा स्थानातंरित किया जा चुका है। शेष किसानों के मुआवजे को 15 मार्च 2022 तक वितरित करने के लिए डीसी को कहा है।