कर्जदार पंजाब सरकार मालामाल राज्य के 93 विधायकों का आयकर भर रही है। इन चार वर्षों में टैक्स के रूप में 2.76 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से खर्च कर चुकी है। इन विधायकों में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सहित कांग्रेस के नवनियुक्त प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं। यह खुलासा एक आरटीआई में हुआ है। सरकार के प्रवक्ता विधायक राजकुमार वेरका ने संपन्न विधायकों को आगे आकर खुद अपना टैक्स भरने की वकालत की है।
हालांकि पंजाब की 2017 में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस व्यवस्था में शामिल मंत्रियों और अन्य लाभ लेने वाले विधायकों को बाहर कर दिया था। इसके बाद कुल 93 विधायक ऐसे रह गए थे, जिनका आयकर सरकारी खजाने से लगातार भरा जा रहा है। विधायकों के टैक्स भरने में सरकारी खजाने से 2017-18 में 8277506 रुपये खर्च किए गए। इसके बाद 2018-19 में 6595264 रुपये, 2019-20 में 6493625 रुपये और 2020-21 में 6264952 रुपये टैक्स भरने के लिए सरकारी खजाने से खर्च किए गए। 93 विधायकों की इस सूची में सत्तासीन कांग्रेस के 69, आम आदमी पार्टी के 15, अकाली दल के 10, भाजपा के 2 और शिअद टकसाली के एक विधायक शामिल हैं।
कोट
जो विधायक साधन संपन्न हैं, जमीदार हैं, जागीरदार हैं, उन्हें आगे आकर अपना टैक्स खुद भरना चाहिए। जो लोग साधन संपन्न नहीं हैं, उनकी मदद सरकार को करनी चाहिए। मेरे पास कोई कारखाना नहीं है, होटल नहीं है, इसके बाद भी मैं खुद ही अपना टैक्स भरता हूं।
-राजकुमार वेरका, प्रवक्ता, पंजाब