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भ्रष्टाचार के आरोप में एचएसआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक बर्खास्त

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पंचकूला। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन पंचकूला के जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर अपनी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट पर तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला मनीता मलिक के फर्जी हस्ताक्षर का उपयोग करने का आरोप है। फर्जी दस्तावेज के आधार पर अपना कार्यकाल एक वर्ष के लिए भी बढ़ा लिया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक के कार्यालय की वित्तीय जांच भी की गई, जिसमें जांचकर्ताओं को अनेक वित्तीय गड़बड़ियां मिलीं।
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हरियाणा राज्य आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), डॉ. अमरिंदर कौर आईएफएस (सेवानिवृत्त) ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक को भ्रष्टाचार के आरोप में बर्खास्त कर उनका मुख्यालय चरखी दादरी करने के आदेश जारी किए। हरियाणा राज्य आजीविका मिशन नोडल एजेंसी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की गरीबी हटाने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है जिसके तहत ग्रामीण इलाकों में गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा जाता है। ताकि गरीब महिलाएं कुछ आमदनी कमा सके। गरीब महिलाओं को रोजगार देने कि बजाए जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष कुमार ने अपनी ही आमदनी बढ़ाने के लिए विभाग में भ्रष्टाचार कर परियोजना का उपयोग अपने निजी लाभ के लिए करना शुरू कर दिया। भ्रष्टाचार की शिकायत एचएसआरएलएम की सीईओ पर पहुंचने पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि सभी कार्य अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षरों से किया जा रहा है।
तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त पंचकूला मनीता मलिक ने बताया कि उन्होंने यह हस्ताक्षर नही किए हैं। जब जांच में यह मामला पकड़ में आया। उसी फर्जी दस्तावेज पर अपना कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा लिया। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सीईओ डॉ. अमरिंदर कौर को चला तो फिर से जांच की गयी तो पाया की इसका कार्यकाल फर्जी दस्तावेजों के आधार कपर हुआ है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष कुमार ने स्वयं के हस्ताक्षर का उपयोग कर स्वयं के बैंक खाते में पैसों का हस्तांतरण किया गया है, जोकि नियम विरुद्ध है। जांच में कार्यालय की जो गाड़ी लगाई गई है वो नियम के विरुद्ध लगाई गई है। जांच में लैपटॉप, और टेबल, कुर्सी की खरीदारी में भी वित्तीय अनियमितताएं पाई गई।
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