हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा में अब ऊल-जलूल, व्यक्तिगत या फिर गलत सवाल नहीं पूछे जा सकेंगे। पेपर सेट से पहले आयोग की गुप्त कमेटी इनका अध्ययन करेगी। कमेटी पूरे प्रश्न बैंक को पढ़ेगी, इसके बाद ही पेपर तैयार होगा। अगर बैंक में से कोई प्रश्न गलत है तो कमेटी उसे हटाने के लिए कहेगी।
कर्मचारी चयन आयोग पेपर निजी एजेंसी से तैयार करता है। ऐसी व्यवस्था इसलिए की गई है कि ताकि आयोग परीक्षा के मामले में पारदर्शी बना रहे लेकिन पिछली कुछ परीक्षाओं में गलत सवाल पूछे जाने को लेकर प्रदेश सरकार और आयोग की खूब किरकिरी हो रही है। इसको गंभीरता से लेते हुए अब आयोग ने ये व्यवस्था की है कि पेपर एजेंसी जिन प्रश्न बैंक में से पेपर तैयार करती है, उस पूरे प्रश्न बैंक को ही पढ़ा जाएगा। इसमें कमेटी के सदस्य गलत सवालों को हटाएंगे, साथ ही किसी के बारे में व्यक्तिगत या फिर जातिगत सवाल न पूछे जाएं, इसका भी ख्याल रखेंगे। पेपर सेटर एजेंसी द्वारा कमेटी की आपत्ति के बाद ही पेपर तैयार किया जाएगा।
गौरतलब है कि अभी दिसंबर माह तक आयोग अलग-अलग परीक्षाओं के लिए शेड्यूल जारी कर चुका है। इनमें पीजीटी संस्कृत, एएलएम, पटवारी, कैनाल पटवारी और ग्राम सचिव समेत अन्य पदों के लिए लिखित परीक्षा ली जानी है। लिखित परीक्षा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने अब ग्रुप सी और डी के लिए साक्षात्कार बंद कर दिए गए हैं। परीक्षा में मेरिट के आधार पर ही नौकरी देने का दावा किया जा रहा है।
गलत सवालों पर आयोग मांग चुका है माफी
सब इंस्पेक्टर की परीक्षा में आयोग की ओर से कई गलत सवाल पूछे गए थे। इसमें हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज और आयोग के चेयरमैन के गांव को लेकर भी सवाल पूछे गए थे। इस पर परीक्षार्थियों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बाद में सरकार द्वारा भी इस पर कड़ा संज्ञान लिया गया था। खुद आयोग के चेयरमैन ने इसके लिए माफी मांगी थी और ये भी आश्वस्त किया था कि भविष्य में ऐसा नहीं होगा।
परीक्षा में कोई गलत सवाल न पूछा जाए, इसके लिए आयोग की ओर से एक गुप्त कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी पेपर नहीं पढ़ेगी, बल्कि जिस प्रश्न बैंक में से प्रश्न आने हैं, उनको पढ़ेगी। इससे कमेटी को भी यह नहीं पता लगेगा कि पेपर में कौन से 100 प्रश्न आने हैं, क्योंकि प्रश्न बैंक में 1000 प्रश्न होते हैं। दूसरा पेपर में कोई गलत सवाल नहीं पूछा जा सकेगा। - भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।