चंडीगढ़। पंजाबी गायक और क ांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के दो दिन बाद भी पंजाब पुलिस के हाथ खाली हैं। मूसेवाला के शूटरों का लॉरेंस ने अभी तक खुलासा नहीं किया है। यहां तक कि गोली किसने मारी, पुलिस को यह भी पता नहीं चल सका है। हत्या में प्रयुक्त हथियारों की निशानदेही भी नहीं हो सकती है। घटना के 19 दिन बाद पंजाब पुलिस ने प्रेेस नोट जारी कर वाहवाही लूटने का प्रयास किया है।
लॉरेंस बिश्नोई से वीरवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ जारी रही। वहीं, पंजाब पुलिस ने मूसेवाला हत्याकांड में अब तक की अपनी जांच की स्टेटस रिपोर्ट जारी कर यह साबित करना चाहा कि इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ लिया है, लेकिन पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट से यह भी साफ हो गया कि लॉरेंस को पंजाब लाने के बावजूद जांच टीम उन शूटरों तक नहीं पहुंच सकी है, जिन्होंने 29 मई को सिद्धू मूसेवाला पर फायरिंग करके उनकी हत्या कर दी थी। वैसे, पुलिस ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में लारेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को मुख्य साजिशकर्ता मान लिया है।
पुलिस के मुताबिक हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन में मिले एक छोटे से सुराग ने पंजाब पुलिस को मूसेवाला की हत्या से पहले के घटनाक्रम को उजागर करने में बड़ी मदद की है। पुलिस का कहना है कि एक पेट्रोल की पर्ची के सहारे पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। एडीजीपी ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और अन्य को गैंग के बाकी सदस्यों के साथ सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आरोपी और साजिशकर्ता नामजद किया गया है। एडीटीएफ और एसआईटी केंद्रीय एजेंसियों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही हैं और जल्द इस हत्याकांड में शामिल रहे संदिग्ध शूटरों और अन्य को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बोलेरो को बनाया जांच का आधार:
एक बोलेरो को पुलिस ने जांच का आधार बनाया है। जिसमें फतेहाबाद के एक पेट्रोल पंप की पर्ची मिली है। इस पर्ची के आधार पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो सोनीपत के प्रियव्रत को गिरफ्तार किया। पेट्रोल की पर्ची के अलावा पुलिस ने पुरानी कहानी दोहराई है।
यह हो चुके हैं गिरफ्तार:
लारेंस की गिरफ्तारी के अलावा इस हत्याकांड में नौ अन्य लोगों- बठिंडा के बलिराम नगर का चरणजीत सिंह उर्फ चेतन, सिरसा (हरियाणा) का संदीप सिंह उर्फ केकड़ा, बठिंडा के तलवंडी साबो का मनप्रीत सिंह उर्फ मन्ना, फरीदकोट के धाईपाई का मनप्रीत भाऊ, अमृतसर के गांव डोडे कलसिया का सरज मिंटू, हरियाणा के तख्त-माल का प्रभदीप सिद्धू उर्फ पब्बी, सोनीपत के गांव रेवली का मोनू डागर, फतेहाबाद के निवासी पवन बिश्नोई और नसीब, को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन सभी को साजिश रचने, रसद सहायता प्रदान करने, रेकी करने और निशानेबाजों को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब पुलिस के एडीजीपी का बयान:
हत्याकांड की जांच कर रहे पंजाब पुलिस के एडीजीपी का कहना है कि अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में छिपे गोल्डी बराड़, सचिन थापन, अनमोल बिश्नोई और विक्रम बराड़ (इस समय दुबई में) के इशारे पर काम कर रहे थे। इन गैंगस्टरों ने वारदात के बाद खुलेआम फेसबुक पेज के जरिए हत्या की जिम्मेदारी ली थी।