पंचकूला। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वाधान में ‘अहिंसा का अर्थ’ विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया। राज्य औषधि नियंत्रक हरियाणा नरेंद्र आहूजा विवेक ने कहा कि अपने राष्ट्र की आतंकवाद और पड़ोसी के विस्तारवाद से रक्षा करना अहिंसा है। चीन हमारी जमीन में घुसने की हिम्मत करता है। हम युद्ध कर उसे परास्त करते हैं तो यह अहिंसा है। पड़ोसी देशों के आतंकी शिविरों को उनके घर मे घुसकर खत्म करके अपने राष्ट्र की सुरक्षा करना अहिंसा है। विश्व शांति एवं सुरक्षा के लिए किए गए सभी उपाय अहिंसा कहलाते हैं। कोई एक गाल पर थप्पड़ मारे दूसरा आगे कर देना अहिंसा नहीं अपितु कायरता है।
अहिंसक व्यक्ति कभी कायर नहीं, अपितु अत्यंत बलशाली धैर्यवान और ईश्वर की न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास रखने वाला होता है। विरोध को अनुरोध से, घृणा को दया से, द्वेष को प्रेम से जीतना अहिंसा कहलाता है। केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि लालबहादुर शास्त्री एक निर्धन परिवार से उठकर भारतीय राजनीति के क्षितिज पर पहुंचे यह उनकी तपस्या का अनुपम उदाहरण है। उनकी सादगी, विनम्रता एक अनुकरणीय उदाहरण है। उन्होंने जय जवान, जय किसान का नारा दिया और देश में एक उत्साह पैदा किया। आज की राजनीति में लालबहादुर शास्त्री पवित्र व साफ सुथरी छवि के एक आदर्श हो सकते हैं।
मुख्य अतिथि जितेंद्र खरबंदा और अध्यक्ष नरेंद्र कस्तूरिया ने भी शास्त्री की कार्यशैली व नीतियों की प्रशंसा की। गायिका रजनी चुघ, अंजू आहूजा, रजनी गर्ग, रचना वर्मा, ईश्वर देवी, बिंदु मदान, रविंद्र गुप्ता, प्रतिभा कटारिया ने मधुर गीत सुनाए। इस मौके पर आनंद प्रकाश आर्य, कुसुम भंडारी, राजेश मेहंदीरत्ता, डीपी परमार, सुरेंद्र बुद्धिराजा, डॉ. रचना चावला, मर्दुल अग्रवाल, धर्मपाल आर्य, वेद भगत, आस्था आर्या उपस्थित रहे।