पंचकूला। सोफाराइड के दौरान टिक्कर ताल में पांच बच्चों के गिरने के बाद स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर एक्टिविटी टीम ने नियमों में बदलाव किया है। अब बोटिंग के लिए 12 वर्ष से छोटे बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी बैठाया जाएगा। सोफाराइड में बच्चों को अकेले नहीं भेजा जाएगा। इस प्रकार बच्चों के झील में गिरने का खतरा नहीं रहेगा। स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर एक्टिविटी टीम के इंचार्ज गौरव गर्ग ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को पांच बच्चों के झील में गिरने के 2.27 मिनट ही सबको बाहर सुरक्षित निकाल लिया गया था।
राइड से पहले सभी को सेफ्टी जैकेट पहनाया गया था। बच्चों के झील में गिरते ही अभिभावक दहशत में आ गए थे। टिक्कर ताल में टीम द्वारा नियमों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के तहत ही स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर एक्टिविटी कराई जा रही है।
गौरव गर्ग ने बताया कि परिजनों द्वारा सोफाराइड में ओवरलोडिंग के लगाए आरोप निराधार हैं। यह सोफाराइड 500 किलोग्राम से ज्यादा तक का वजन सहन कर सकती है।
मोरनी चौकी में पेश होकर उन्होेेंने सभी तरह के कागजात पुलिस को दिखा दिए हैं। गौरतलब है कि रविवार को सोफराइड के दौरान दिल्ली से आए पर्यटकों के पांच बच्चे झील में गिर गए थे। इसके बाद अभिभावकों ने लापरवाही का आरोप लगाकर मोरनी पुलिस चौकी में शिकायत दी थी। पुलिस कमिश्नर सौरभ सिंह ने मामले में संज्ञान लेकर जांच के आदेश दिए थे।