चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू को एक सदस्यीय राजस्व आयोग का अध्यक्ष लगाया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। 31 दिसंबर 2022 को सेवानिवृत्त हुए कुंडू की नियुक्ति की चर्चा बीते सप्ताह से ही सचिवालय में चल रही थी।
कुंडू के जिम्मे राजस्व विभाग के दस्तावेजों में शामिल उर्दू-फारसी के शब्द हटाने और भूमि से जुड़े कानूनों में संशोधन कराने का रहेगा। आयोग को इस संबंध में 6 महीने में अपनी पहली रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। उनकी रिपोर्ट के बाद ही राजस्व विभाग में प्रचलित रकबा, इंतकाल, खेवत, फर्द, बदर, मौजा, मुसावी, बिस्वा, इंद्राज इत्यादि शब्दों को रिकार्ड से हटाया जाएगा। इन शब्दों की जगह आसान शब्द राजस्व रिकार्ड में शामिल किए जाएंगे। जमीनों के रिकॉर्ड को परिवार पहचान पत्र के साथ और आधार लिंक कर तैयार किया जाएगा। पूरा भूमि रिकॉर्ड सुधार करने की तैयारी है। जमीनों से संबंधित कोर्ट केस और विकसित जमीनों का पूरा रिकार्ड सरकार के एक क्लिक पर करने की व्यवस्था बनाई जाएगी। कलेक्टर रेट तय करने का फार्मूला भी आयोग सरकार को सुझाएगा। जमीन की पैमाइश करने की नई तकनीक भी आयोग सरकार को बताएगा। रजिस्ट्री को प्रभावी बनाने, जीआईएस आधारित तकनीक से जमीनों की चकबंदी करने को लेकर भी आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।