चंडीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक मामले में पंजाब सरकार ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ मंगलवार को जांच प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए पंजाब मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संत प्रकाश को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। यह जांच प्रक्रिया अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 की धारा 8, नियम, 1958, नियम 6(1) और इसके उपनियम (बी) (ii) के तहत की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त जांच समिति की ओर से दोषी ठहराए जाने के लगभग दो साल बाद सरकार ने यह कदम उठाया है। दोषी अधिकारियों में पूर्व डीजीपी एस चट्टोपाध्याय, तत्कालीन फरीदकोट के डीआईजी इंद्रबीर सिंह और तत्कालीन फिरोजपुर एसएसपी हरमबीर सिंह हंस शामिल हैं। जांच कमेटी इन दोषी अधिकारियों का भी पक्ष सुनेगी।
इससे पहले 12 जनवरी 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा चूक की जांच के लिए पांच सदस्यीय विशेष समिति की अध्यक्षता के लिए पूर्व न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा को नियुक्त किया था। समिति ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़े जुर्माने की सिफारिश करते हुए मार्च 2022 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने से पहले एक जांच अधिकारी नियुक्त किया जाने की सिफारिश की गई थी।
नियमों के मुताबिक दोषी अधिकारियों को उन्हें सौंपे गए आरोप पत्र के आधार पर जांच अधिकारी के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करने के लिए समय देने को कहा था। गृह मंत्रालय ने मार्च और नवंबर 2023 में पंजाब के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर सुरक्षा चूक के लिए कार्रवाई में देरी पर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। इस पर पंजाब सरकार ने बठिंडा के पुलिस अधीक्षक गुरबिंदर सिंह और छह जूनियर अधिकारियों को पीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया था। पंजाब के गृह विभाग द्वारा बठिंडा के एसपी के रूप में तैनात रहे गुरबिंदर सिंह को दो डीएसपी-रैंक अधिकारियों परसन सिंह और जगदीश कुमार के साथ तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि 5 जनवरी 2022 को बठिंडा हवाई अड्डे से फिरोजपुर तक सड़क मार्ग से यात्रा करते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला एक फ्लाईओवर पर आधे घंटे तक फंस गया था। सुरक्षा में हुई इस चूक पर सुप्रीमकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। घटना के समय लगभग 300 प्रदर्शनकारियों की उग्र भीड़ फ्लाईओवर के अंत में एकत्र हो गई, जिससे पीएम की सुरक्षा करने वाले विशेष सुरक्षा समूह को काफिला रोकना पड़ा और वापस हवाई अड्डे की ओर जाना पड़ा था। उस समय दिल्ली लौटने से पहले पीएम मोदी ने पंजाब के अधिकारियों से कहा था कि अपने सीएम को धन्यवाद कहना कि मैं बठिंडा एयरपोर्ट तक जिंदा लौट पाया। तब राज्य में चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी।