चंडीगढ़। शिक्षा विभाग में कई सालों से पदोन्नति की बाट देख रहे 726 पीजीटी को प्रदेश सरकार ने पदोन्नत कर प्रिंसिपल बना दिया है। विदित हो कि शिक्षा विभाग द्वारा पीजीटी की वरिष्ठता सूची में 2017 में बदलाव कर दिया गया। इस कारण कुछ पीजीटी ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट से प्रिंसिपल की पदोन्नति पर स्टे ले लिया था।
अब 2 जुलाई को हाईकोर्ट ने पदोन्नति मामले पर 2019 से लंबित केस से सटे हटाकर प्रमोशन का रास्ता साफ कर दिया था। पदोन्नति की प्रक्रिया पर कोर्ट में स्टे का कारण पिछले 3 साल से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। हजारों स्कूलों में प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा था, क्योंकि स्कूलों में प्रिंसिपल की पोस्ट रिक्त होने के कारण किसी सीनियर पीजीटी को प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य साथ करने पड़ते थे। इससे हजारों बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
हरियाणा स्कूल लेक्चर्स एसोसिएशन (हसला) के पूर्व राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने बताया कि हसला प्रतिनिधिमंडल इस मामले में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा विभाग और डायरेक्टर शिक्षा विभाग से लगातार मिल रहा था। इसी के परिणामस्वरूप कोर्ट से स्टे हटते ही शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रमोशन लिस्ट जारी करते हुए पीजीटी को राहत प्रदान की है। पदोन्नति पाने वाले रेस्ट ऑफ हरियाणा के 711 व मेवात कैडर के 15 पीजीटी को बधाई देते हुए राज्य प्रधान सतपाल सिंधू ने सरकार का आभार जताया है।