पंचकूला। पिंजौर-कालका अर्बन कांप्लेक्स की करीब 10 एकड़ कामर्शियल जमीन बिना हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की मंजूरी के छह लोगों के नाम कर दी गई है। लैंड एक्विजिशन ऑफिस (एलएओ) के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह जमीन ज्ञानचंद, अशोक कुमार, सुमित, सुशीला देवी, हरदेवी और सत्यावती को गई है। इस मामले में सेक्टर-7 पुलिस केस दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस अब इस मामले में सातों आरोपियों के बयान रिकार्ड करेगी। पुलिस ने बताया कि कार्यालय कर्मचारी समेत ज्ञानचंद, अशोक कुमार, समित, सुशीला देवी, हरदेवी और सत्यावती पर केस दर्ज किया गया है।
एचएसवीपी के ईओ राकेश संधू की तरफ से दी गई शिकायत में बताया कि सेक्टर-27 में बिना एचएसवीपी की मंजूरी के एलएओ ने जमीन की अलॉटमेंट कर दी। इसकी जानकारी एचएसवीपी के अधिकारियों और इंजीनियरिंग विंग को नहीं थी। ऐसे में अब चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने विभागीय जांच के आदेश दिए। इसमें शामिल अन्य कर्मियों की भी जांच की जाएगी। सेक्टर-7 थाना पुलिस प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि एचएसवीपी के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर ने पिंजौर के सेक्टर-27, 28 के सेक्टरों की प्लाटिंग को लेकर मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग के दौरान पता चला कि सेक्टर-27 में 10 एकड़ जमीन लैंड एक्विजिशन ऑफिस (एलएओ) ने इंतकाल के लिए फर्जी एनओसी जारी की थी। फर्जी एनओसी लेटर मीटिंग में लाने को कहा तो एनओसी की पूरी फाइल नहीं मिली। इस पर ईओ की तरफ से केस दर्ज करवाया गया है।