पंचकूला। स्पीकर साहब! सेक्टर-26 पॉलिटेक्निक कॉलेज की राह आसान नहीं है। तकनीकी शिक्षा हासिल करने से पहले शारीरिक श्रम में जो थकान मिलती है, उसके बाद पढ़ाई में मन नहीं लगता। रोजाना गांव से छह किलोमीटर का पैदल सफर। 60 रुपये बस का किराया। कॉलेज में न लिफ्ट मिली और ना ही क्लास रूम तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां। थक हारकर कॉलेज कैंपस पहुंचे तो चौथी मंजिल तक रैंप की चढ़ाई। यह किसी शारीरिक ट्रेनिंग सेंटर जैसा लगता है। अब आप ही इस समस्या से निजात दिलावाएं। यह कहना है बरवाला, रायपुररानी, पिंजौर और कालका से पंचकूला तकनीकी शिक्षा हासिल करने आने वाले छात्र और छात्राओं का।
विद्यार्थियों ने बताया कि पॉलिटेक्निक कॉलेज तक पहुंचने के लिए रोजाना उनको अपनी जेब ढीली करने के साथ 4 से 5 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। कॉलेज कैंपस तक हरियाणा रोडवेज की बस नहीं आती। नतीजा रोजाना रामगढ़ से विद्यार्थियों को कॉलेज तक पैदल आना और यहां से रामगढ़ तक पैदल जाना पड़ता है। समस्या यहीं खत्म नहीं होती, कई छात्र और छात्राएं बरवाला और रायपुरानी के ग्रामीण क्षेत्रों से पॉलिटेक्निक कॉलेज पढ़ाई के लिए आती हैं, उन्हें हरियाणा रोडवेज की बस की सुविधा लेने के लिए एक से दो किलोमीटर पैदल रायपुरानी और बरवाला शहर तक आना-जाना पड़ता है।
चिलचिलाती धूूप और ठिठुरती सर्दी में भी होती है परेशानी
स्थानीय विद्यार्थियों ने नगर निगम के मेयर से कॉलेज के सामने बस स्टॉप, विधायक और विधानसभा स्पीकर और रोडवेज के जीएम से रोडवेज की बसों को कॉलेज के समय पर सेक्टर-26 से सुबह और शाम को रामगढ़ तक चलाने की मांग की है, ताकि उन्हें चिलचिलाती धूूप और ठिठुरती सर्दी के दिनों में पैदल आने और जाने से राहत मिल सके ताकि वह बिना परेशानी के पढ़ाई कर सके। इसके अलावा बस पास जल्द बन जाए तो रोजाना के लगने वाले बस किराया से उन्हें राहत मिलेगी।
लिफ्ट और सीढ़ियों से क्लास रूम तक जाना के लिए मिले रास्ता
छात्र विकास, गौरव, नीरज और छात्रा कनिका ने बताया कि कॉलेज भवन में हरियाणा स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन का कार्यालय खुलने की वजह से उनका प्रवेश मुख्य द्वार से बंद कर दिया गया है। साथ ही लिफ्ट और सीढ़ियों का रास्ता भी विद्यार्थियों के लिए बंद कर दिया गया है। उनकी कक्षाएं तीसरी और चौथी मंजिल पर लगाई जाती हैं, जहां पहुंचने के लिए रोजाना उन्हें रैंप के रास्ते आना और जाना पड़ता है। विद्यार्थियों की मांग है कि अगर भवन उनकी सुविधा के लिए बनाया गया है, तो उन्हें सुविधाओं से वंचित क्यों किया जा रहा है।
कॉलेज कैंपस के पास बसें रुकनी चाहिए। बस की सुविधा नहीं होने के चलते रोजाना पांच से छह किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। वहीं बस पास नहीं बनने की वजह से रोजाना बस किराया के रूप में 60 रुपये खर्च करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों के लिए कॉलेज की लिफ्ट और सीढ़ियों का रास्ता भी खोला जाना चाहिए। - नीरज शर्मा, निवासी रायपुरानी।
सेक्टर-26 पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास कोई बस स्टॉप नहीं है और ना ही यहां कोई हरियाणा रोडवेज की बस रुकती है। इसके चलते बरवाला, रायपुररानी से आने वाले छात्र और छात्राओं को कॉलेज आने और जाने के लिए रोजाना चार से पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। सब से ज्यादा परेशानी गर्मी और सर्दी के दिनों में होती है। यहां बस स्टॉप बन जाए तो सभी विद्यार्थियों की समस्याएं दूर हो जाएंगी। - विकास, छात्र निवासी कोट मट्टावाला
डेढ़ साल से पॉलिटेक्निक में आ रहा हूं। मेरा तीसरा सेमेस्टर है, लेकिन कॉलेज तक पहुंचने के लिए रोजाना पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। कॉलेज के पास कोई हरियाणा रोडवेज की बस नहीं रुकती। यहां रामगढ़ जाना और रामगढ़ से कॉलेज तक पैदल ही आना पड़ता है। वहीं गांच बड़ौना से रायपुररानी तक आने में एक किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इसके चलते काफी परेशानी होती है। - गौरव, छात्र निवासी रायपुररानी।
सेक्टर-26 पॉलिटेक्निक कॉलेज से रामगढ़ तक सुबह और शाम के समय रोडवेज की बस चलाने के लिए हरियाणा रोडवेज को पत्र लिखा गया है, ताकि बच्चों को सहूलियत मिल सके और उन्हें ज्यादा पैदल न चलना पड़े। - दलजीत सिंह, प्रिंसिपल पॉलिटेक्निक कॉलेज पंचकूला।
सेक्टर-26 पॉलिटेक्निक कॉलेज कैंपस में हरियाणा स्टेट बोर्ड ऑफ टेक्निकल एजुकेशन का कार्यालय खुलने की वजह से यहां के विद्यार्थियों को लिफ्ट और क्लास रूम तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह कॉलेज पूरे हरियाणा में दिव्यांगों के लिए भी अधिसूचित किया गया है। अगर कॉलेज विद्यार्थियों के लिए बनाया गया है, तो उन्हें आने जाने का प्रॉपर रास्ता भी मिलना चाहिए। - मुनीष बांगर, प्रधान पैरेंट्स एसोसिएशन पंचकूला।