चंडीगढ़। फरीदकोट के करन कटारिया द्वारा दो बच्चों सहित आत्महत्या करने का मामले में सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि पहले उचित फोरम के समक्ष याची अपनी मांग रखे।
युवा अकाली दल के अध्यक्ष परमबंस सिंह ने एडवोकेट रोहित सूद के माध्यम से दाखिल याचिका में बताया कि मृतक के सुसाइड नोट में कैबिनेट मंत्री राजा वड़िंग के रिश्तेदार डिंपी विनायक का नाम है। राजनीतिक प्रभाव के कारण इस मामले में एफआईआर होने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं। एक में क्लोजर रिपोर्ट तो दूसरी में अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल करने की पंजाब पुलिस ने तैयारी कर ली है। याची ने कहा कि पंजाब पुलिस दबाव में जांच कर रही है और मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए।
6 फरवरी को फरीदकोट के करन कटारिया ने अपने दोनों बच्चों और पत्नी को गोली मारने के बाद खुद को भी गोली मार ली थी। इस घटना में उसकी पत्नी जीवित बची थी। घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में इसके लिए जिम्मेदार लोगों के नाम भी लिखे गए थे। मृतक की पत्नी ने भी इस संबंध में अपने बयान दिए थे। इस मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज करने के बाद हाथ पर हाथ धरे बैठी है।