कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए पंचकूला स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग भी पहली और दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर से निपटने के लिए 53 वेंटिलेटर के साथ तैयार है। वर्तमान में कोरोना मरीजों के लिए अलग से 15 बेड रिजर्व कर दिए गए हैं। अगर कोविड के मामले बढ़ते हैं तो ऑक्सीजन के साथ 258 बेड बढ़ा दिए जाएंगे। वहीं बच्चों के लिए 50 ऑक्सीजन बेड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 200 ऑक्सीजन सिलिंडर और 75 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर रिजर्व रखे गए हैं।
तीसरी लहर के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग ने कालका और रायपुरानी में 500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम तेज कर दिया है। एक माह के अंदर प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस एक ऑक्सीजन प्लांट से 25 बेड को ऑक्सीजन की सप्लाई दी जा सकेगी। वहीं पंचकूला के नागरिक अस्पताल में छह टन से बढ़ाकर दस टन का ऑक्सीजन स्टोरेज टैंक लगाया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान एक ऑक्सीजन प्लांट तैयार किया गया था। इससे 25 बेड को ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है। एक मिनट में यहां पर 300 लीटर ऑक्सीजन तैयार हो रही है।
बच्चों के लिए नौ वेंटिलेटर की व्यवस्था
सेक्टर-6 के नागरिक अस्पताल में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार नौ बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) शुरू कर दिया गया है। जहां 28 दिन से 17 साल तक के बच्चों को इलाज मिल सकेगा। इलाज के अभाव में बच्चों और उनके परिजनों को न तो रेफर का दंश झेलना पड़ेगा न ही पीजीआई चंडीगढ़ और जीएमसीएच पर निर्भर रहना पड़ेगा। कोरोना से लड़ने के लिए पीआईसीयू में आठ वेंटिलेटर में निशुल्क इलाज हो सकेगा। इस प्रकार जनरल अस्पताल का पीकू बच्चों के लिए सुरक्षा कवच साबित होगा। कोरोना के तीसरी लहर की आशंका को देखकर सिविल सर्जन पंचकूला मुक्ता कुमार ने जिले के 50 बेड के अस्पतालों को ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। अगर निजी अस्पताल आदेश नहीं मानते हैं, तो उन पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने भी दिए निर्देश
ओमिक्रॉन को फैलने से रोकने की जरूरत है, सभी नागरिक केंद्र व हरियाणा सरकार द्वारा कोविड-19 को लेकर दिए निर्देशों में मास्क और दो गज की दूरी का गंभीरता से पालन करें। लोग भीड़भाड़ में जाने से बचें और कोविड-19 के नियमों का पालन जैसे दो गज की दूरी और अच्छी तरह से मास्क पहनकर घर से बाहर न निकलें। ऐसा करने से वे स्वयं और अपने परिवार और समाज को संक्रमण से बचा सकते हैं।
- महावीर कौशिक, उपायुक्त
ओमिक्रॉन से निटपने के लिए अस्पताल में ऑक्सीजन के साथ 250 मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था है। वहीं 200 ऑक्सीजन सिलिंडर और 75 ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर रिजर्व रखे गए हैं। किसी मरीज को ऑक्सीजन को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। वहीं सात बड़ों और पांच बच्चों के लिए हाई फ्लो नेजर कैनुआ मशीन भी अस्पताल में इंस्टाल की गई है। - सुबीर सक्सेना, पीएमओ नागरिक अस्पताल पंचकूला।