चंडीगढ़। पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी व कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि राज्य ने अपनी कारगुजारी में भारी सुधार करते हुए वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान नेशनल बैंक फाॅर एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) की सहायता से जारी ग्रामीण बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्टों के लिए 800 करोड़ रुपये के फंड का रिकाॅर्ड प्रयोग किया है।
पंजाब भवन में वीरवार को नाबार्ड से सहायता प्राप्त प्रोजेक्टों की समीक्षा के लिए उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान चल रहे प्रोजेक्टों के लिए वित्त विभाग और नाबार्ड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने पंजाब के लिए अब तक के सबसे अधिक 919 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्टों को मंज़ूरी देने के लिए नाबार्ड का धन्यवाद करते हुए राज्य की अच्छी कारगुजारी के मद्देनजर नाबार्ड टीम को वित्त वर्ष 2023-24 (आरआईडीएफ-29) के नए प्रोजेक्टों के लिए फंड 1500 करोड़ करने की अपील की।
इस मौके पर वित्त मंत्री ने ग्रामीण आर्थिकता के समूचे विकास के लिए इस वर्ष सड़कों और पुल, सिंचाई, पीने वाले पानी और सैनिटेशन, शिक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, सेहत, कौशल विकास, गोदामों, बागबानी और भू संरक्षण आदि क्षेत्रों के प्रोजेक्टों के लिए पहल के आधार पर फंड देने की जरूरत पर भी जोर दिया।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास) केएपी सिन्हा, प्रमुख सचिव (वित्त) अजोए कुमार सिन्हा, सचिव (वित्त) गरिमा सिंह और चीफ़ जनरल मैनेजर रघुनाथ बी. के नेतृत्व में नाबार्ड की टीम शामिल हुई।