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बेनतीजा रही बिजली मंत्री और किसान संगठनों की बैठक, 23 किसान संगठन चंडीगढ़ में करेंगे प्रदर्शन

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चंडीगढ़। पंजाब में धान की बुआई के समय बिजली की उपलब्धता को लेकर मंगलवार को राज्य के बिजली मंत्री हरभजन सिंह के साथ किसान संगठनों की बैठक बेनतीजा रही। करीब दो घंटे चली बैठक के बाद किसान नेता हरिंदर सिंह लखोवाल और जगजीत सिंह डलेवाल ने कहा कि बैठक में कोई हल नहीं निकला। उन्होंने 17 मई को पंजाब सरकार के खिलाफ चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है।
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किसान नेताओं ने कहा कि किसान संगठनों द्वारा बैठक में रखी गई ज्यादातर मांगों पर सहमति ही नहीं बन सकी। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों पर सरकार द्वारा बिना वजह बंदिशें लगाई जा रही हैं। किसानों की मुख्य मांगें- मोटरों का लोड बढ़ाया जाए, धान लगाने की तारीख सहित कई मामलों पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते किसान संगठनों ने फैसला किया है कि 17 मई को चंडीगढ़ में 23 जत्थेबंदियों द्वारा बिजली, किसानी, बोनस, बीबीएमबी, किसानों की गिरफ्तारी और अन्य मामलों पर पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
एक सवाल के जवाब में किसान नेताओं ने कहा कि अगर इससे पहले सरकार द्वारा बैठक के लिए कोई समय देकर उन्हें बुलाया जाता है तो वह बैठक में जरूर शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि किसान 10 जून को धान लगाएं और अगर उनके साथ जोर-जबरदस्ती हुई तो किसान संगठन उनके साथ खड़े हैं। 28 जून से धान लगाने का सरकार का प्रस्ताव सही नहीं है। एक तरफ तो सरकार पीआर-126 लगाने की बात करती है और दूसरी ओर किसानों को बीज ही उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।
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बुआई के समय बिजली देने की पूरी कोशिश करेंगे : हरभजन
उधर, बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने स्पष्ट किया कि भले ही देश बिजली की गंभीर किल्लत का सामना कर रहा है लेकिन पंजाब सरकार ने बिजली सप्लाई के पुख्ता प्रबंध किए हैं। हम धान की बुआई के सीजन के लिए निर्विघ्न सप्लाई यकीनी बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। किसानों से मंगलवार की बैठक के दौरान धान की चरणबद्ध बुआई के संबंध में सुझाए गए फार्मूले को अपनाने की अपील करते हुए बिजली मंत्री ने कहा कि इस फार्मूले को अपनाने से बिजली की किल्लत के अलावा मजदूरों और खाद की कमी जैसे अन्य सभी मसले अपने आप हल हो जाएंगे। यदि किसानों को इस संबंध में कोई आपत्ति है तो हम सुखद हल के लिए कमेटी बनाने के लिए तैयार हैं।
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