चंडीगढ़। हरियाणा में कमांडो की भर्ती में ऊंचाई के कम अंक देने का आरोप लगाते हुए दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याची को चंडीगढ़ सेक्टर 32 के जीएमसीएच में माप के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने इसके लिए एक लाख रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने उम्मीदवार को यह स्पष्ट किया कि यदि उसकी ऊंचाई कम निकली तो यह एक लाख रुपये दंड के रूप में अस्पताल में जमा करवाना होगा।
याचिका दाखिल करते हुए झज्जर निवासी याचिकाकर्ता प्रदीप शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने कमांडो विंग में पुरुष कांस्टेबल की भर्ती निकाली थी। इस पद के लिए याची ने भी आवेदन किया था। प्रदीप शर्मा ने बताया कि उसकी ऊंचाई 9 जून, 2021 को मापी गई थी। याची ने बताया कि उसकी ऊंचाई के लिए उसे 8 अंक दिए गए, जबकि 185 सेंटीमीटर ऊंचाई के लिए 10 अंक दिए जाते हैं। याची ने बताया कि उसने झज्जर के सिविल अस्पताल में अपनी ऊंचाई मापी थी। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे 10 अंक देने का आयोग को निर्देश दिया जाए।
आयोग की ओर से कहा गया कि ऊंचाई मांपने में कोई गलती नहीं हुई है और याची का दावा गलत है। याची ने कहा कि वह दोबारा ऊंचाई की जांच के लिए तैयार है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए याची को एक लाख रुपये हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करवाने होंगे। इसके बाद याची को 20 मई को जीएमसीएच-32 में पेश होकर ऊंचाई की जांच करवानी होगी। यदि याची का दावा सही निकला तो यह राशि उसे वापस दे दी जाएगी और यदि दावा गलत निकला तो यह एक लाख रुपये दंड के रूप में जीएमसीएच-32 में गरीब रोगियों के इलाज के लिए बनाए गए कल्याण कोष में देने होंगे।