चंडीगढ़। नूंह जिले के चार गावों में खसरे का प्रकोप सामनेे आया है। अब तक की जांच में कुल 47 संदिग्ध मामले सामने आए हैं जबकि दो की पुष्टि हुई है। इसको लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हरियाणा अलर्ट मोड में आ गया है। एनएचएम ने अपनी टीमें मेवात भेज दी हैं, जो लगातार जांच कर रही हैं। साथ ही लोगों को टीकाकरण के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से नूंह में खसरे के मामले मिलने की जानकारी दी गई। इसके बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक प्रभजोत सिंह ने अपनी राज्य टीम को राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वीरेंद्र सिंह अहलावत के नेतृत्व में जिला नूंह भेजा। टीम ने 10 और 11 मई को नूंह का दौरा किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मरोरा क्षेत्र के ग्राम धडोला में तीन मामलों की पुष्टि की गई। प्रारंभिक सर्वेक्षण में 8 और मामले पाए गए और प्रकोप घोषित किया गया। 5 रक्त के नमूने प्रयोगशाला पुष्टि के लिए भेजे गए, जिनमें से 2 नमूने खसरे के सकारात्मक पाए गए। सक्रिय मामले की जांच के लिए तीन और पड़ोसी गांवों-धधोली कलां, रानियाला और रिथत में सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान खसरे के लिए कुल 47 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। लक्षण वाले सभी बच्चों को लगातार दो दिनों तक विटामिन ए की दो खुराक दी गई। मिशन की टीमें घर घर जाकर जांच कर रही हैं और टीकाकरण के लिए जागरूक भी कर रही हैं। गौरतलब है कि खसरा से बचाव के लिए एमआर (मीजल्स रूबेला) वैक्सीन की दो खुराकें (9 महीने में पहली खुराक और 18 महीने में दूसरी खुराक) दी जाती हैं।
संक्रामक बीमारी बच्चों में मौत का कारण
खसरा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है। सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन के उपलब्ध होने के बावजूद यह बीमारी विश्व स्तर पर छोटे बच्चों की मृत्यु का एक महत्वपूर्ण कारण बनी हुई है। इस बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, नाक बहना, आंखें लाल होना, मुंह के अंदर छोटे सफेद धब्बे आना शामिल हैं। कई दिनों बाद पीड़ित के शरीर पर दाने आना शुरू हो जाते हैं जो लाल रंग के होते हैं। खसरा ज्यादातर उन बच्चों में गंभीर रूप लेता है जिनमें पोषण की कमी, विटमिन ए की कमी या जिनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो चुकी होती है।
मिशन की टीमों ने प्रभावित गांवों का दौरा कर जांच शुरू की है। बीमारी से बचाव के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को टीकाकरण के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। समय पर बच्चों को टीके नहीं लगवाने के कारण यह बीमारी फैलती है, इससे बचने के लिए टीकाकरण जरूरी है।- डा. प्रभजोत सिंह, एमडी, एनएचएस।