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माकन के लिए बुलाई विधायक दल की बैठक में भी नहीं पहुंचे कुलदीप

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चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराजकुलदीप बिश्नोई राज्यसभा चुनाव के लिए बुलाई गई विधायक दल की बैठक में भी नहीं पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा के आवास पर बुलाई गई बैठक में 31 में से 30 विधायक मौजूद रहे। कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवार अजय माकन ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। कुलदीप के मंगलवार को माकन के नामांकन में पहुंचने के कम ही आसार हैं।
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भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार भी मंगलवार को ही नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष सहित मंत्रियों, सांसदों सहित अनेक विधायक मौजूद रहेंगे। सोमवार शाम हुड्डा के आवास पर हुई विधायक दल की बैठक में यह तय हुआ कि सुबह नौ बजे सभी विधायक, सांसद और नेता सेक्टर-7 स्थित कोठी नंबर 70 पर इक्ट्ठा हाेंगे। यही से पूरा काफिला दलबल के साथ मंगलवार सुबह विधानसभा के लिए निकलेगा और माकन 11 बजे नामांकन भरेंगे। बैठक में हुड्डा, पार्टी प्रभारी विवेक बंसल, प्रदेश अध्यक्ष चौधरी उदयभान, राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा और तमाम विधायकों की अजय माकन के साथ औपचारिक मुलाकात हुई। उन्होंने टिकट देने के लिए पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा का आभार जताया।
हरियाणा के मुद्दों को लेकर करेंगे संघर्ष : माकन
माकन ने कहा कि वह दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ मिलकर हरियाणा के मुद्दों को लेकर संघर्ष करेंगे। अब संसद में दीपेंद्र और उनके मिलने से हरियाणा की ताकत एक और एक ग्यारह हो जायेगी। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अजय माकन को राज्यसभा में हरियाणा की ओर से उम्मीदवार बनाए जाने का स्वागत किया है। विवेक बंसल ने कहा कि माकन की जीत निश्चित है। कुलदीप बिश्नोई साथ हैं।
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पंजाबी वर्ग को दिया प्रतिनिधित्व : बंसल
विवेक बंसल ने कहा कि हरियाणा से पंजाबी वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की मांग लगातार उठ रही थी। पंजाबी वर्ग को जितना महत्व देना चाहिए, उतना महत्व नहीं मिल पा रहा था। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भी इसी वर्ग से आते हैं, बावजूद इसके पंजाबी वर्ग को और प्रतिनिधित्व देने के लिए माकन को हरियाणा से राज्यसभा उम्मीदवार चुना गया। बेशक, बंसल ये तर्क देते रहे पर प्रदेश के पंजाबी नेताओं के गले बाहरी नेता को यहां से राज्यसभा भेजना गले नहीं उतर रहा। वे अंदरखाने इसका विरोध कर रहे हैं। पार्टी हाईकमान के विरुद्घ कोई खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा।
भाजपा ने नहीं उतारा दूसरा उम्मीदवार
भाजपा ने दोनों सीटें जीतने के लिए अंक गणित पूरा न होने पर दूसरे उम्मीदवार पर दांव नहीं खेला। उन्होंने विधायक संख्या के आधार पर ही उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया। कांग्रेस के 31 विधायक हैं, इसलिए एक सीट उसकी बनती है। दोनों सीटों के लिए दो ही उम्मीदवार होने पर मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। मंगलवार को नामांकन के बाद आगामी दिनों में दोनों उम्मीदवारों के पर्चों की छंटनी होगी, पर्चे ठीक पाए जाने के बाद वे निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे, हालांकि निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र 10 जून को ही मिलेगा। चूंकि, चुनाव कार्यक्रम अनुसार इसी दिन वोटिंग होनी थी।
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