कालका मेल अब नेताजी एक्सप्रेस के नाम से जानी जाएगी।
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती को केंद्र सरकार ने पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की है। इसी कड़ी में रेलवे ने अपनी सबसे पुरानी ट्रेनों में शामिल कालका मेल का नाम बदल कर नेताजी एक्सप्रेस कर दिया है। रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर कोचिंग राजेश कुमार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
गौरतलब है कि एक जनवरी 1866 को कालका मेल पहली बार चली थी। उस वक्त इसका नाम 63 अप हावड़ा पेशावर एक्सप्रेस था। जानकारी के अनुसार 18 जनवरी 1941 को फिरंगियों को चकमा देकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस धनबाद जिले के गोमो जंक्शन से इसी ट्रेन पर सवार होकर निकले थे।
नेताजी की यादों से जुड़ी होने के कारण ही रेलवे ने कालका मेल का नाम बदलकर नेताजी एक्सप्रेस कर दिया है। हावड़ा कालका मेल अभी स्पेशल ट्रेन बनकर चल रही है। इस ट्रेन के नियमित बनकर चलने के साथ ही इसके नाम में बदलाव प्रभावी हो जाएगा।
कालका मेल ट्रेन अपने पुराने नंबर के साथ ही 12311 अप और 12312 डाउन नेताजी एक्सप्रेस बनकर चलेगी। कालका स्टेशन अधीक्षक, गोकुल सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड से अधिसूचना जारी हो गई है। हावड़ा-कालका मेल अब नेताजी एक्सप्रेस के नाम से चलाई जाएगी। बता दें, नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती 23 जनवरी को मनाई जाएगी।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने किया ट्वीट
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कालका मेल का नाम बदलने की जानकारी ट्विटर पर दी। उन्होंने ट्वीट किया कि नेताजी के पराक्रम ने भारत को स्वतंत्रता और विकास के एक्सप्रेस मार्ग पर पहुंचा दिया। मैं नेताजी एक्सप्रेस की शुरुआत के साथ उनकी जयंती मनाने के लिए रोमांचित हूं।